डेराबस्सी। मोहाली पुलिस और एंटी गैंगस्टर टास्क फोर्स (एजीटीएफ) ने मंगलवार को एक संयुक्त अभियान चलाकर गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई गिरोह के दो बदमाशों को गिरफ्तार किया है। ये बदमाश डेराबस्सी गुलाबगढ़ रोड स्थित एक पीजी में छिपे हुए थे। डीएसपी बिक्रमजीत सिंह बराड़ के नेतृत्व में पुलिस उनको गिरफ्तार करने पहुंची तो आरोपियों ने पुलिस पर फायरिंग कर दी। जवाबी कार्रवाई में एक बदमाश घायल हो गया और उसके पैर में गोली लग गई। घायल बदमाश की पहचान राजस्थान के हनुमानगढ़ निवासी सुमित बिश्नोई और उसके दूसरे साथी की पहचान हरियाणा के सोनीपत निवासी पंकज के रूप में हुई है। पुलिस ने बदमाशों के पास से एक देसी पिस्टल और चार कारतूस बरामद किए हैं। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ डेराबस्सी थाने में विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है।
एसडी (डी) सौरव जिंदल और डीएसपी बिक्रमजीत सिंह बराड़ ने बताया कि मंगलवार को उनको सूचना मिली थी कि गुलाबगढ़ रोड स्थित गणेश विहार में एक शोरूम के ऊपर बने अवैध पीजी में गैंगस्टर छिपे हैं। सूचना मिलने पर जब उनकी टीम और थाना प्रमुख इंस्पेक्टर सुमित मोर की टीम ने पीजी पर छापा मारा और पहली मंजिल पर स्थित कमरे का दरवाजा खोला तो खिड़की से पुलिस पार्टी को देखकर एक गैंगस्टर ने गोली चला दी। गोली दरवाजे की ग्रिल पर लगी। पुलिस ने जवाबी कार्रवाई की तो एक गोली गैंगस्टर के पैर में लगी और वह गंभीर रूप से घायल होकर गिर पड़ा। इसके बाद पुलिस पार्टी ने दोनों को गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस ने बताया कि घायल आरोपी सुमित बिश्नोई लॉरेंस बिश्नोई गैंग का खतरनाक गैंगस्टर है। उसने 18 मई को हनुमानगढ़ में अपने दो अन्य साथियों के साथ मिलकर 35 वर्षीय महावीर नामक युवक की हत्या कर दी थी। बीकानेर रेंज के महानिरीक्षक (आईजी) ने उनकी गिरफ्तारी में सहायक सूचना देने वाले को 50 हजार रुपये का इनाम देने की घोषणा भी की थी। राजस्थान पुलिस ने उसके दो साथियों को गिरफ्तार कर लिया लेकिन वह फरार चल रहा था। पुलिस ने बताया कि आरोपी सुमित 22 तारीख से यहां छिपा हुआ था।