मोहाली। एक बड़े आर्थिक घोटाले के मामले में पुलिस ने अकाल टेक इंफ्रालॉजिस्ट प्राइवेट लिमिटेड के डायरेक्टर प्रितपाल सिंह के खिलाफ ठगी का मामला दर्ज किया है। चंडीगढ़ निवासी शिकायतकर्ता दीप महिंदर ग्रेवाल ने आरोप लगाया कि कंपनी के नाम पर पहले से सोची-समझी साजिश के तहत सात करोड़ रुपये की ठगी की गई है। मामले की विस्तृत जांच आर्थिक अपराध एवं साइबर क्राइम विंग ने की। एसएसपी के निर्देश के बाद पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर लिया है।
दीप महिंदर ग्रेवाल निवासी सेक्टर-28 ए चंडीगढ़ ने अपनी शिकायत में आरोप लगाया कि वर्ष 2011 में उन्होंने प्रितपाल सिंह के भरोसे कंपनी में करीब सात करोड़ रुपये निवेश किए। आरोप है कि प्रितपाल सिंह ने निवेश की दोगुनी रकम लौटाने का आश्वासन दिया था, लेकिन बाद में जाली अलॉटमेंट लेटर, फर्जी इकरारनामे और बाउंस चेक देकर उन्हें गुमराह किया। ग्रेवाल का यह भी आरोप है कि कंपनी जिन प्लाटों और शोरूमों का अलॉटमेंट उन्हें दे रही थी, वह जमीन कंपनी की नहीं थी। डीएसपी की जांच में सामने आया कि शिकायतकर्ता को दी गई जमीन की रजिस्ट्री आज तक उसके नाम नहीं की गई, जबकि कुछ प्लॉट कंपनी ने तीसरे पक्ष को बेच भी दिए। जांच रिपोर्ट में यह भी उल्लेख किया गया कि कंपनी के डायरेक्टर प्रितपाल सिंह ने कई दस्तावेजों पर खुद हस्ताक्षर किए हैं, जो आरोपों की पुष्टि करते हैं।
रिपोर्ट के अनुसार शिकायतकर्ता को दिए गए चेक बाउंस हो चुके हैं, जबकि भुगतान का कोई वैध रिकॉर्ड कंपनी ने प्रस्तुत नहीं किया। दूसरी ओर आरोपित प्रितपाल सिंह ने जांच के दौरान कहा कि उन्होंने शिकायतकर्ता को प्लॉट देने की पेशकश की थी और चेक द्वारा पैसे वापस भी किए थे। उन्होंने किसी भी प्रकार की धमकी या गलत हरकत से इनकार किया। हालांकि, डीएसपी की रिपोर्ट में उनकी दलीलें संतोषजनक नहीं पाई गईं। सभी तथ्यों और बयान दर्ज करने के बाद जांच अधिकारी ने प्रितपाल सिंह के खिलाफ थाना सोहाना में बीएनएस की धारा 318(4) के तहत केस दर्ज करने की सिफारिश की थी।
एसएसपी मोहाली ने सोहाना थाना पुलिस को मामला दर्ज करने के आदेश जारी किया था। थाना सोहाना पुलिस ने कंपनी डायरेक्टर प्रितपाल सिंह के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है और केस की आगे की जांच शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि यदि जांच में नए तथ्य सामने आए, तो नई धाराएं जोड़ी जाएंगी।