मोहाली। गांव झामपुर और तीड़ा समेत आसपास के कईं गांवों को जोड़ने वाला पुल लोगों के लिए सुविधा देने के बजाय दुविधा बन गया है। प्रशासन ने इस पुल को तो बना दिया गया है, लेकिन इसकी सड़क को बनाना भूल गया है। इस कारण यहां से आवाजाही करने वाले आसपास के ग्रामीणों को बड़ी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। साथ ही थोड़ी सी बारिश होने पर इस मिट्टी से बनी कच्ची सड़क पर कीचड़ बन जाता है और लोगों को आने-जाने में बड़ी दिक्कत होती है।
जानकारी के अनुसार यहां पर कुछ समय पहले एक ट्रैक्टर चालक युवक की मौत भी हो गई थी। यह हादसा उस समय हुआ था जब वह अपने ट्रैक्टर पर इस टूटी कच्ची सड़क से गुजर रहा था तो अचानक उसका ट्रैक्टर पलट गया था। यह दुर्घटना उस समय हुई जब वह पुल पर चढ़ रहा था, लेकिन पुल को जोड़ने वाली पक्की सड़क न होने के कारण रास्ते में ट्रैक्टर पलट गया। सोमवार को इस पुल की टूटी सड़क दिखाते हुए डिप्टी मेयर कुलजीत बेदी और गांव निवासियों ने मौके पर पहुंचकर प्रशासन से मांग की है कि दोनों ओर की सड़क को तुरंत पक्का किया जाए। उन्होंने इस मौके पर लोक निर्माण मंत्री और डीसी मोहाली कोमल मित्तल को पत्र लिखकर मांग की है कि इस काम को तुरंत शुरू करवाया जाए।
पुल के साथ ही सड़क भी बननी चाहिए थी
इस पुल का निर्माण तो हो गया है, लेकिन दोनों ओर पक्की सड़क न होने के कारण यातायात में भारी समस्या आ रही है। दोनों ओर की सड़क कच्ची है, जबकि पुल काफी ऊंचाई पर है, जिससे वहां से गुजरने वालों को खतरा बना रहता है। जब यह पुल बनाया था तो तभी सड़क भी बननी चाहिए थी।
ग्रामीणों को आने-जाने में दिक्कत
गांव तीड़ा का सरकारी स्कूल इस क्षेत्र के बच्चों के लिए एकमात्र स्कूल है। यहां से रोजाना बड़ी संख्या में बच्चे यहां पढ़ने आते हैं। लेकिन सड़कों की हालत इतनी खराब है कि बच्चों को कीचड़, धूल और बारिश में कच्ची सड़कों पर चलना पड़ता है। इसके अलावा अन्य गांवों को जोड़ने वाला यह क्षेत्र कृषि व्यापार, दूध आपूर्ति और सब्जियों के परिवहन के लिए भी काफी महत्वपूर्ण है। अभी यहां से ट्रैक्टर ट्रॉलियां और ट्रक भी गुजरते हैं, लेकिन हमेशा हादसा होने का खतरा बना रहता है।