मोहाली। सेक्टर-87 के एसीई ग्राउंड में शनिवार को एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। यहां एक कॉर्पोरेट क्रिकेट मैच के दौरान गेंदबाजी कर रहे 44 वर्षीय खिलाड़ी की अचानक दिल का दौरा पड़ने से मौत हो गई। मृतक की पहचान वेल्लन शानमुगम निवासी ज्योति क्रिस्टल होम, सेक्टर-115 के रूप में हुई है। वेल्लन मूल रूप से कर्नाटक के रहने वाले थे। पेशे से एक निजी कंपनी में केमिकल इंजीनियर थे। जानकारी के अनुसार, शनिवार को वेल्लन के बेटे का जन्मदिन था। सुबह घर से खुशी-खुशी मैच खेलने निकले वेल्लन के साथ यह हादसा उस समय हुआ जब वह गेंदबाजी कर रहे थे। अचानक गेंदबाजी करने के बाद वह वह मैदान में गिर गए, जहां से उन्हें तुरंत सोहाना अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने उनको मृत घोषित कर दिया। घर में शाम को उनके बेटे के जन्मदिन के जश्न की तैयारी चल रही थी। माैत की सूचना मिलते ही मातम पसर गया।
मृतक की पत्नी संजीता वेल्लन ने पुलिस को दिए अपने हलफनामे में बताया कि उनके पति की मृत्यु प्राकृतिक कारणों से हुई है। उन्होंने कहा कि मेरे पति की मौत अचानक और कुदरती तौर पर हुई है। मुझे किसी पर कोई शक नहीं है। न ही किसी के खिलाफ कोई कानूनी कार्रवाई या भविष्य में कोई दावा करना चाहती हूं। परिवार ने धार्मिक मान्यताओं और भावनाओं का हवाला देकर मृतक का पोस्टमार्टम न करने का अनुरोध किया है।
40 की उम्र के बाद साइलेंट किलर बन सकता है वर्कआउट
इस मामले पर जीएमसीएच-32 के कार्डियोलॉजी विभाग के प्रोफेसर डॉ. जीतराम कश्यप ने चिंता जाहिर की है। उन्होंने बताया कि इस उम्र में अचानक होने वाली मौतों के पीछे कई कारण हो सकते हैं। डॉ. कश्यप के अनुसार मेडिकल कारण हो सकता है। कोई पुरानी ब्लॉकेज हो, मसल प्रॉब्लम हो या कोई जेनेटिक सिंड्रोम हो। कभी-कभी अचानक की गई भारी शारीरिक गतिविधि भी जानलेवा साबित हो सकती है। उनके अनुसार पोस्टमार्टम से यह स्पष्ट हो जाता है कि मौत का कारण हार्ट अटैक था या वाल्व में कोई रुकावट। इससे परिवार के अन्य सदस्यों के लिए भी भविष्य में बचाव के कदम उठाए जा सकते हैं। डॉ. कश्यप ने सलाह दी कि 40 साल की उम्र के बाद हर व्यक्ति को वार्षिक मेडिकल स्क्रीनिंग करानी चाहिए। इसमें ईसीजी, टीएफटी और बेसिक ब्लड टेस्ट जरूर शामिल होने चाहिए। इसके अलावा संतुलित आहार और नियमित व्यायाम भी बेहद जरूरी है।