बच्चों को हर हाल में मिलने चाहिए उनका हक : कविता सिंह
जुवेनाइल जस्टिस एक्ट पर एक दिवसीय ट्रेनिंग प्रोग्राम आयोजित
अमर उजाला ब्यूरो
मोहाली।
फेज-8 स्थित विकास भवन में बचपन बचाओ आंदोलन और सामाजिक सुरक्षा एवं स्त्री व बाल विकास विभाग की ओर से जुवेनाइल जस्टिस (केयर एंड प्रोटेक्शन ऑफ चिल्ड्रन) एक्ट 2015 संबंधी एक दिवसीय ट्रेनिंग प्रोग्राम करवाया गया। इसकी प्रधानगी करते हुए विभाग की डायरेक्टर कविता सिंह ने कहा कि बच्चों के सभी हक उनको हर हाल में मिलने चाहिए। उनको खुशी है कि पंजाब इस दिशा में आगे बढ़ रहा है। बच्चों संबंधी इस एक्ट के हर पक्ष को जानना जरूरी है। जो भी लोग बच्चों से संबंधित प्रोजेक्टों पर काम करते हैं, वह ऐसी भावना से काम करें जैसे वह अपने बच्चों के लिए काम कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि इस प्रोग्राम में भाग लेने वाले जिला प्रोग्राम अधिकारी, जिला बाल सुरक्षा अधिकारी, लीगल कम प्रोबेशन अधिकारी और अन्य विभागों के अधिकारी ट्रेनिंग का पूरा फायदा लें। डीसी मोहाली गुरप्रीत कौर सपरा ने बताया कि प्रोग्राम समाज की बेहतरी के लिए फायदेमंद साबित हो सकते हैं। लगातार कुछ न कुुछ सीखते रहना जिंदगी का अहम हिस्सा है। उन्होंने इस दौरान शामिल अधिकारियों से कहा कि वह बचपन बचाओ आंदोलन की टीम से जानकारी हासिल करें और उसे केवल शिक्षा तक सीमित रखने के बजाय उसको लागू करना भी सुनिश्चित करें।
इस मौके पर बचपन बचाओ आंदोलन की ओर से इस प्रोग्राम में धनंजय मित्तल, ज्योति माथुर और संपुमा बेहुरा ने रिसोर्स पर्सन के तौर पर भाग लिया। उन्होंने इस मौके पर बाल भलाई कमेटी, चिल्ड्रन होम्स, सोशल ऑडिटिंग, शेल्टर होम्स और बच्चे गोद लेने संबंधी जानकारी भी दी। ज्योति माथुर ने बताया कि जुवेनाइल जस्टिस एक्ट साल 1986 में बना था और 2015 को पुराने एक्ट में संशोधन के बजाय नया जुवेनाइल जस्टिस (केयर एंड प्रोटेक्शन ऑफ चिल्ड्रन) एक्ट लागू किया गया है। प्रोग्राम के दौरान शामिल अधिकारियों द्वारा एक्ट संबंधी पूछे गए सवालों के जवाब भी रिसोर्स पर्सन द्वारा दिए गए।