मोहाली। पंजाब स्कूल शिक्षा बोर्ड की पंजाबी की किताब में छपी शहीद सुखदेव थापर की फोटो को लेकर विवाद शुरू हो गया है। इस पर स्थिति स्पष्ट करने के लिए चार प्रमुख यूनिवर्सिटी से मदद मांगी गई है। शहीद सुखदेव की जिस फोटो पर विवाद शुरू हुआ है, वो पिछले दो साल से प्रकाशित हो रही है। इस संबंध में बोर्ड चेयरमैन मनोहर कांत कलोहिया को एक लिखित शिकायत भी दी गई थी, जिसमें कहा गया कि पंजाब बोर्ड द्वारा कक्षा चौथी के लिए तैयार की गई पंजाबी पुस्तक पहली भाषा में शहीद सुखदेव की कहानी में शहीद राजगुरु की फोटो प्रकाशित की गई है।
बता दें कि इस किताब के तीसरे चैप्टर में प्रकाशित कहानी का शीर्षक है बाल सुखदेव। इसमें शहीद सुखदेव थापर की जो तस्वीर है उसे लेकर संशय बना हुआ है। हालांकि बोर्ड का दावा है कि उन्होंने वही तस्वीर प्रकाशित की है जो पंजाब सरकार ने शहीद सुखदेव के जन्मदिवस पर लुधियाना में दो साल पहले हुए राज्य स्तरीय कार्यक्रम में इस्तेमाल की थी। इस कार्यक्रम में शहीद सुखदेव थापर का परिवार भी शामिल हुआ था। यह कार्यक्रम पंजाब सरकार के डिपार्टमेंट ऑफ एनआरआई अफेयर्स ने करवाया था। साथ ही बोर्ड का दावा है कि पंजाब सरकार द्वारा अधिकारिक रूप से 5 से ज्यादा जगहों पर इसी फोटो का इस्तेमाल किया गया है।
हालांकि शहीद सुखदेव और राजगुरु की फोटो को लेकर पैदा हुए इस विवाद पर बोर्ड ने इतिहासकारों से मदद मांगी है। इसके लिए बोर्ड ने पंजाब यूनिवर्सिटी चंडीगढ़, गुरु नानक देव यूनिवर्सिटी अमृतसर, पंजाबी यूनिवर्सिटी पटियाला और दिल्ली यूनिवर्सिटी से स्थिति स्पष्ट करने के लिए कहा है।
बाक्स
कक्षा चौथी की पंजाबी पुस्तक में बाल सुखदेव की कहानी को वर्ष 2014 में शामिल किया गया था। तब यह कहानी बिना फोटो के थी। बच्चों को कनेक्ट करने के लिए दो साल पहले शहीद सुखदेव की फोटो को भी प्रकाशित किया गया। हमने वही फोटो इस्तेमाल की, जो पंजाब सरकार द्वारा अधिकारिक रूप से इस्तेमाल की जा रही है। गूगल पर चेक करने से भी शहीद सुखदेव की यही फोटो सामने आती है।
-राजिंदर कौर चौहान, बोर्ड एक्सपर्ट।
कोट्स
फोटो को देखने पर थोड़ा कन्फ्यूजन तो है। संभव है किताब में छापने के लिए पब्लिशर द्वारा फोटो शॉप पर जो काम किया जाता है उससे चेहरे के फीचर्स में अंतर आ गया हो। आमतौर पर शहीद सुखदेव और शहीद राजगुरु की फोटो देखने पर ज्यादा अंतर महसूस नहीं होता।
-डॉ. कुलबीर सिंह ढिल्लों, पूर्व एचओडी, इतिहास विभाग, पीयू पटियाला।