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एनआईए को झटका, टारगेट किलिंग के आरोपी नहीं जाएंगे तिहाड़

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एनआईए को झटका, टारगेट किलिंग के आरोपी नहीं जाएंगे तिहाड़
अदालत ने एनआईए द्वारा आरोपियों को दिल्ली शिफ्ट करने की एप्लीकेशन को किया रद्द
एनआईए की तरफ से एप्लीकेशन के साथ लगाए गए थे कई अहम दस्तावेज
अमर उजाला ब्यूरो
मोहाली।
केंद्र और दिल्ली सरकार की मंजूरी मिलने के बाद भी पंजाब में हुई हिंदू नेेताओं की टारगेट किलिंग के आरोपी तिहाड़ जेल (दिल्ली) में शिफ्ट नहीं होंगे। एनआईए की विशेष अदालत ने नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी द्वारा आरोपियों को सुरक्षा कारणों के चलते दिल्ली शिफ्ट करने के लिए लगाई गई याचिका को नामंजूर कर दिया है। जिसके बाद साफ हो गया है कि अब आरोपी पंजाब में ही रहेंगे। आरोपियों के वकील जसपाल सिंह मंझपुर ने इसकी पुष्टि की।
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एनआईए की तरफ से 12 फरवरी को आरोपियों को तिहाड़ जेल शिफ्ट करने के लिए याचिका दायर की गई थी। एजेंसी ने कहा था कि पंजाब में आरोपियों की जान को खतरा है। याचिका की मजबूूती के लिए उन्होंने केंद्र, दिल्ली और पंजाब सरकार द्वारा इस मामले में दी गई मंजूरी की एप्लीकेशन भी लगाई थी। हालांकि अदालत में आरोपियों के वकील ने एनआईए के तर्कों का सीधा विरोध किया। उनका कहना था कि अंडर ट्रायल मामले के आरोपियों को दूसरी जेल में शिफ्ट नहीं किया जा सकता है। संविधान में ऐसा कोई नियम नहीं है। फिर एनआईए की तरफ से दलील दी गई पंजाब की जेल सुरक्षित नहीं है। कई बार आरोपी भाग चुके हैं। आरोपियों के वकील ने इस बात का भी विरोध किया। उनका कहना था कि पंजाब ने आतंकवाद का दौर भी देखा है। ऐसे में कई खतरनाक आतंकी भी पकड़े गए, लेकिन जेल में किसी पर हमला तक नहीं हुआ। रहीं आरोपियों की बात तो उन्हें पंजाब में कोई खतरा नहीं है। दूसरे राज्य में जाने पर इन्हें खतरा हो सकता है। अगर सुरक्षा की बात है तो पंजाब की किसी भी जेल में आरोपियों को भेजा सकता है। उन्होंने अदालत में जेलों की सूची भी दी। एनआईए ने नाभा और बुड़ैल जेल का भी विरोध किया। उनका कहना था कि वहां से भी आरोपी भाग चुके हैं। इस पर आरोपियों के वकील का कहना था कि ऐसे में सभी जेल बंद कर दी जानी चाहिए और आरोपियों को एक ही जेल में रख देना चाहिए। हालांकि अदालत ने एनआईए की याचिका को रद्द कर दिया। आरोपियों में शूटर हरदीप सिंह शेरा, रमनदीप सिंह, ब्रिटिश नागरिक जगतार सिंह जोहल व दलजीत सिंह जिम्मी, पहाड़ सिंह, अनिल उर्फ काला, गैंगस्टर धर्मेंद्र गुगनी शामिल है।
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