मोहाली। निकाय चुनाव के लिए शनिवार को नामांकन दाखिले की प्रक्रिया शुरू हुई। पहले दिन 70 उम्मीदवारों ने नामांकन पत्र भरे। नामांकन भरने में पूर्व मेयर कुलवंत सिंह की अगुवाई वाले आजाद ग्रुप के उम्मीदवार सबसे आगे रहे। उम्मीद है कि ज्यादातर दलों के उम्मीदवार सोमवार से नामांकन प्रक्रिया में शामिल होंगे। अतिरिक्त निर्वाचन अधिकारी आशिका जैन ने कहा कि जिले में कुल 72 लोगों ने नामांकन भरे हैं। इसमें मोहाली शहर से 70 और खरड़ से दो उम्मीदवार हैं।
जानकारी के मुताबिक मोहाली नगर निगम में 25 वार्ड हैं। इनमें से एक से लेकर 25 वार्ड तक जहां 34 लोगों ने नामाकंन भरा, वहीं 26 से 50 वार्डों के लिए 36 लोगों ने नामांकन भरा है। नगर परिषद कुराली, बनूड़, नयागांव, डेराबस्सी व लालड़ू में एक भी व्यक्ति ने नामांकन नहीं भरा है। अतिरिक्त जिला निर्वाचन अधिकारी ने साफ किया है कि इस बार नो डयू सर्टिफिकेट की जरूरत नहीं हैं। यह देखने में आया था कि काफी संख्या में लोगों ने नो डयू सर्टिफिकेट लेने के लिए अर्जियां दाखिल की थीं। उन्होंने सभी उम्मीदवारों को सूचित किया कि पंजाब निर्वाचन कमीशन एक्ट 1995 के तहत यह प्रमाण पत्र दाखिल करना किसी भी उम्मीदवार के लिए जरूरी नहीं है।
साधारण तरीके से हुआ नामांकन
आजाद ग्रुप के नेता इस बार बिल्कुल साधारण तरीके से रिटर्निंग अफसर के दफ्तर पहुंचे। पूर्व मेयर कुलवंत सिंह खुद ग्रुप के अन्य सदस्यों के साथ नामांकन भरने गए। कुलवंत सिंह ने कहा कि किसानों का आंदोलन चरम पर है। ऐसे में उन्होंने साधारण तरीके से नामांकन भरने का फैसला लिया है। उन्होंने कहा कि वह किसानों के साथ हैं। जहां तक जलूस या रैली निकालने की बात है तो उसकी वजह से लोगों को ही परेशानी होती है। इस वजह से उन्होंने इन सब चीजों से बचने की कोशिश की है।
जिले में रोमांचक होगा मुकाबला
इस बार मोहाली नगर निगम चुनाव में मुकाबला रोमांचक होने वाला है। यह पहला मौका है जब 50 में से 25 सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित हैं। भाजपा और अकाली दल अलग चुनाव लड़ रहे हैं। इसके अलावा अकाली दल से बगावत कर एक बार फिर 2015 की तरह कुलवंत सिंह आजाद ग्रुप से मैदान में हैं। आजाद ग्रुप का आम आदमी पार्टी (आप) से समझौता हो गया है, जबकि कांग्रेस भी इस बार मजबूत स्थिति में है। राज्य में कांग्रेस की सरकार है, वहीं विधायक बलबीर सिंह सिद्धू की स्थिति भी मजबूत है और वह राज्य के सेहतमंत्री भी हैं।