पशुओं की मौत के बाद मौके पर पहुंचकर अधिकारियों से बात करते सेहत मंत्री बलबीर सिद्धू।
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मोहाली। गांव कंडाला और सफीपुर की डेयरियों में दुधारू पशुओं की मौत का आंकड़ा 62 पर पहुंच गया है। तीन दिन से हो रही पशुओं की मौत के बाद सरकार हरकत में आ गई है। जहां पशुपालन एवं डेयरी विकास विभाग के डायरेक्टर डॉ. इंदरजीत सिंह ने मौके पर पहुंचकर जानवरों के इलाज की मॉनीटरिंग की, वहीं सेहत मंत्री बलबीर सिंह सिद्धू भी एक स्पेशल टीम के साथ गांवों में पहुंचे। सेहत मंत्री ने मरे हुए जानवरों की पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने पर दोषियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करवाने की बात कही। जानवरों की मौत का कारण जहरीली फीड को बताया जा रहा है।
डॉ. इंदरजीत सिंह ने बताया कि दोनों गांवों के प्रभावित डेयरी मालिक एक व्यक्ति से होटलों का बचा हुआ खाना व सूखी रोटियों का फीड खरीदकर अपने पशुओं को दे रहे थे। 24 जुलाई को इन डेयरी मालिकों ने फीड मंगवाया था। यह फीड जहरीला होने के कारण 25 जुलाई से ही पशु मरने शुरू हो गए थे। अब यह आंकड़ा 62 पर पहुंच गया है। जहरीला फीड खाने से पशु बीमार हैं। उन्होंने बताया कि जिस पशु ने ये फीड खाया है उसके बचने की संभावना कम है। डेयरी मालिक जरनैल सिंह राजू के पास 90 पशु थे, जिनमें से 25 की मौत हो चुकी है। तरसेम लाल के पास 100 पशु थे जिनमें से 30 मर चुके हैं। गांव सफिपुर के डेयरी मालिक नरिंदर के 7 पशुओं की मौत हो चुकी है।
डॉ. इंदरजीत ने बताया कि ये डेयरी मालिक जो फीड पशुओं को खिला रहे थे उसमें होटल का बचा हुआ खाना व सूखी रोटियां होती थीं। इनमें फफूंदी लग जाने से यह खुराक जहरीली हो जाती है। उन्होंने बताया कि विभाग के डॉक्टर्स की टीमें पशुओं के हरसंभव इलाज में लगी हुई हैं। उन्होंने बताया कि पशुओं का पोस्टमार्टम किया गया है। उनके पेट में मिले फीड के सैंपल जांच के लिए भेज दिए गए हैं।
सेहत मंत्री बलबीर सिंह सिद्धू शनिवार को दोनों गांवों के डेयरी मालिकों से मिले और हालात का जायजा लिया। उनके साथ जालंधर से बुलाई गई रीजनल डिजीज डायग्नोस्टिक लैबोरेटरी नॉर्थ जोन की स्पेशल टीम व डॉक्टर्स थे। हालात का जायजा लेने के बाद सेहत मंत्री ने कहा कि पोस्टमार्टम व फीड के सैंपल की रिपोर्ट आ जाने पर दोषी लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया जाएगा।
बड़ी संख्या में दुधारू पशुओं की मौत को लेकर पैरीफैरी मिल्कमैन यूनियन चंडीगढ़-मोहाली की मीटिंग हुई। मीटिंग में डेयरी मालिकों को मुआवजा दिए जाने की मांग की गई है। मीटिंग में यूनियन के प्रधान सुखविंदर सिंह बासियां, चेयरमैन जसवीर सिंह नरोहा, जनरल सेक्रेटरी बलजिंदर सिंह भागों माजारा, संत सिंह कुराड़ी, सतपाल सिंह सवाड़ा, पाल सिंह गोचर सहित अन्य शामिल थे।