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Mohali News: लॉन्च होने से पहले सस्ती नई गाड़ी दिलाने के नाम पर 60 लाख ठगे, दंपती गिरफ्तार चार पर केस दर्ज

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संवाद न्यूज एजेंसी
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डेराबस्सी। लॉन्च होते ही बिना बुकिंग के नई और सस्ती गाड़ी दिलवाने के नाम पर एक दंपती समेत चार लोगों ने एक व्यक्ति से 60 लाख रुपये की ठगी की है। शिकायत पर डेराबस्सी पुलिस ने चंडीगढ़ के रहने वाले एक दंपती और एक कार एजेंसी के सेल्स मैनेजर समेत चार आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी का केस दर्ज कर दंपती को गिरफ्तार कर लिया है।
वहीं, अन्य दो आरोपी फरार हैं।
आरोपियों की पहचान शिव कृष्ण सहगल, उनकी पत्नी प्रेरणा जामवाल निवासी सेक्टर-15, चंडीगढ़, गुरमन जोत सिंह टीना निवासी सेक्टर-79 मोहाली औरप सौरव शर्मा सेल्स मैनेजर कैसल टोयोटा एजेंसी के रूप में हुई है। दंपती को अदालत में पेश कर 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है।
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डेराबस्सी थानाध्यक्ष मंदीप सिंह ने बताया कि इस मामले में चंद्र शेखर गर्ग, मालिक गणेश इंडस्ट्रीज गांव बेहडा, डेराबस्सी ने शिकायत दी है कि उन्होंने साल-2023 में नई गाड़ी इनोवा हाईक्रॉस और थार लेने के लिए उक्त आरोपियों को करीब 60 लाख रुपये का भुगतान किया था। उक्त आरोपी लंबे समय से बिना बुकिंग के कोई भी गाड़ी सस्ते में और जल्दी मंगवाने का धंधा कर रहे थे।
आरोपियों ने उनको नकद भुगतान करके उक्त नई सस्ती और जल्द कारें मंगवाने के लिए कहा। इसी भरोसे पर उन्होंने और गाड़ियां खरीदने के लिए करीब 60 लाख रुपये दे दिए थे। शर्त यह थी कि वाहन लोन पर नहीं दिया जाएगा, बल्कि नकद भुगतान करके खरीदा जा सकेगा। शिकायतकर्ता के अनुसार उसने इनोवा हाई क्रॉस और थार खरीदने के लिए शिव कृष्ण सहगल और अन्य को लाखों रुपये का भुगतान किया। इसके बाद कई माह तक इंतजार किया, लेकिन जब गाड़ी नहीं मिली तो उक्त आरोपियों से रकम वापस लौटाने को कहा। लेकिन उन्होंने नहीं लौटाई।
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फर्जी हलफनामा बनाकर की 18 लाख की हेराफेरी
इस मामले की जांच कर रहे हवलदार रणजीत सिंह ने बताया कि शिकायतकर्ता चंद्र शेखर गर्ग की बिजनेस पार्टनर दीपाजंलि शर्मा ने इनोवा हाईक्रॉस गाड़ी खरीदने के लिए बैंक खाते में 18 लाख रुपये जमा कराए थे। उक्त आरोपी ने दीपाजंलि के नाम से फर्जी हलफनामा तैयार किया और उसकी ओर से दी गई रकम के बदले कार दूसरे व्यक्ति को देकर दिलाने का खेल खेला है। जब दीपांजलि को गाड़ी नहीं मिली तो उसने एजेंसी से पैसे वापस मांगे। इसी बीच पता चला कि उन्होंने हलफनामा देकर गाड़ी किसी और को देने की एनओसी दे दी है। जांच में पता चला है कि उक्त हलफनामा फर्जी है। जांच अधिकारी ने बताया कि आरोपी दंपती को गिरफ्तार कर चार दिन का रिमांड लिया है। पूछताछ में उन्होंने सस्ते और जल्द वाहन उपलब्ध कराने की बात स्वीकार की है। आरोपियों के मुताबिक उन्होंने पैसे लेकर एडवांस में जमा करा दिए और गाड़ी की डिलीवरी नहीं मिलने पर मामला खुल गया। लेकिन आरोपी इस बात का कोई सबूत पेश नहीं कर सके कि उन्होंने पैसे किसे दिए थे।
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