गमाडा ने पांच घंटे में 70 मकान किए ध्वस्त
- बहलोलपुर में अवैध तरीके से नियमों को ताक पर रखकर बनाए गए थे घर
- पुलिस की मौजूदगी में चला आपरेशन, वीडियोग्राफी करवाई
- केवल खाली मकान तोड़े, जहां लोग रह रहे थे उन्हें वार्निंग देकर छोड़ा
अमर उजाला ब्यूरो
मोहाली। ग्रेटर मोहाली एरिया डेवलपमेंट अथॉरिटी (गमाडा) ने सोमवार को चंडीगढ़ से सटे बहलोलपुर एरिया में अवैध निर्माण के खिलाफ ड्राइव चलाई। करीब पांच घंटे चली ड्राइव में 70 के करीब अवैध तरीके से बने मकान तोड़े गए। लोगों का आरोप था कि उन्होंने बिल्डरों से लाखों रुपये में प्लाट खरीदकर घर बनाए थे लेकिन सब मिट्टी में मिल गया। इतना ही नहीं इस दौरान गुस्साए लोगों ने बिल्डरों के खिलाफ प्रदर्शन भी किया। साथ ही मामले में इंसाफ की गुहार लगाई। गमाडा का कहना है कि उनके द्वारा पंजाब न्यू कैपिटल पेरीफेरी कंट्रोल एक्ट व पंजाब अपार्टमेंट एंड प्रॉपर्टी रेगुलेशन एक्ट 1995 व मास्टर प्लान के नियमों के तहत कार्रवाई की गई। सारी कार्रवाई की वीडियोग्राफी कराई गई।
गमाडा की टीम सुबह दस बजे एस्टेट अफसर अमनिंदर कौर बराड़ की अगुवाई में पुलिस के दस्ते के साथ पहुंची। सोमवार होने के चलते कई लोग काम पर गए हुए थे जबकि कुछ मकान खाली या बंद पड़े थे। गमाडा की टीम ने जाते ही उन्हें तोडना शुरू कर दिया। इस दौरान पुलिस व गमाडा की टीम में भी मतभेद हुए। पुलिस का कहना था कि आप सीधे मकानों को गिरा रहे हैं, ऐसे में कोई व्यक्ति नीचे दब जाए तो क्या होगा।
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बिल्डर की यह गेम नहीं हो पाई कामयाब
जैसे ही एक बिल्डर को खबर लगी कि कालोनी गिराने वाली टीम उनके एरिया में आने वाली है। उसने एक क्रेन का टायर पंक्चर कर कालोनी के रास्ते में खड़ा कर दिया। काफी देर तक गमाडा की टीम को परेशानी आई। इसके बाद गमाडा ने 39 वेस्ट के इंचार्ज से बात की। इसके बाद टीम चंडीगढ़ के रास्ते से होकर अवैध निर्माण कालोनी में पहुंची।
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जिनमें लोग रह रहे थे वही घर बचे
गमाडा की ओर से मकानों पर जेसीबी चला दी गई। जो मकान खाली थे, सभी को गिरा दिया गया। सिर्फ उन मकानों को छोड़ा गया है जिनमें लोग रह रहे थे। साथ ही गमाडा के अधिकारियों की ओर से उन सभी लोगों को चेतवानी दी गई है कि वह भी जल्द ही इन मकानों को खाली कर दें वरना अगला नंबर उनका होगा।
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लोगों ने किया कालोनी मालिक के खिलाफ प्रदर्शन
गमाडा की कार्रवाई सोमवार सुबह दस बजे शुरू होकर साढ़े तीन बजे तक चली। गमाडा की टीम के जाते ही कालोनी वाले इकट्ठे हो गए और उन्होंने कालोनी मालिक के खिलाफ प्रदर्शन किया। उनका कहना है कि कालोनी मालिक ने उन्हें धोखे में रखकर मकान बेच दिए। अगर उन्हे जरा-सा भी पता होता कि गमाडा इस तरह की कार्रवाई करेगा तो वह कभी भी इन मकानों को नहीं खरीदते। अब तो उनके पास इसके अलावा रहने के लिए कोई दूसरा ठिकाना नहीं हैं।
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कर्ज लेकर बनाया था मकान
दीपक नामक व्यक्ति ने बताया कि उनके चाचा ने तीन साल पहले कर्ज लेकर घर बनाया था। अब तक उन्होंने मकान की पूरी किश्तें भी नहीं भरी हैं जबकि मकान की रजिस्ट्री तक करवाई थी लेकिन उनके साथ धोखा किया जा रहा है।