डंपिंग ग्राउंड के बजाय नाले में डालते हैं कचरा
वायु प्रदूषण : काउंसिल ने नाले की सफाई नहीं करवाई, बदबू से लोग परेशान
काउंसिल के एप पर भी दी शिकायत नहीं हुई कार्रवाई
अमर उजाला ब्यूरो
जीरकपुर। ढकोली नाले के पास रखे डस्टबिन से नाले में गंदगी फैल रही है। नतीजा नाले की बदबू से यहां से गुजरने वाले राहगीरों सहित यहां के स्थानीय लोग परेशान हैं। नाले से आने वाली बदबू का सबसे बड़ा कारण है, कंपनियों के केमिकल युक्त पानी में कचरे का मिलना। अक्सर डस्टबिन भरने के बाद लोग सुबह कूड़ा डालने आते हैं, तो बदबू के चलते लोग डस्टबिन के पास जाने के बजाय कूड़ा दूर से ही फेंकते हैं, जिसके चलते अधिकतर कचरा डस्टबिन के बजाया नाले में चला जाता है। यहां स्थानीय लोगों ने नगर काउंसिल से डस्टबिन को दूसरी जगह शिफ्ट करने की मांग की थी, लेकिन डस्टबिन दूसरी जगह शिफ्ट नहीं किया गया। इसे लेकर दशमेश इनक्लेव के स्थानीय लोग इसे लेकर कई बार विरोध दर्ज करा चुके हैं। लोगों को डर है कि नाले की सफाई नहीं की गई तो बरसात में तीन अगस्त 2005 जैसे बाढ़ न आ जाए।
नाले की रेलिंग के ऊपर चादर युक्त दीवार बनाने की मांग
जैसे पंचकूला में नाले की रेलिंग पर प्लास्टिक की शीट लगाकर सौंदर्यीकरण किया गया है। ठीक उसी तरह दशमेस इनक्लेव के लोगों ने नगर काउंसिल से दीवार बनाने की मांग की थी, ताकि जब भी कोई कचरा फेंके तो कचरा नाले में न जाए और लोगों को बदबू के चलते परेशान न हों।
रात के समय अक्सर एक्सीडेंट का खतरा
यहां रात के समय एक्सीडेंट का खतरा बना रहता है, क्योंकि सड़क के पास डस्टबिन होने के चलते लावारिस पशु और स्ट्रे डॉग्स का यहां झुंड लगा रहता है। इस एरिया में जहां पर नगर काउंसिल ने डस्टबिन रखवाया है, वहां पर स्ट्रीट लाइन नहीं लगा है, रात के समय अंधेरा होने के चलते अक्सर यहां एक्सीडेंट होता रहता है।
क्या कहते हैं स्थानीय लोग
कोट्स
पंचकूला का इंडस्ट्रियल एरिया ढकोली और बलटाना के साथ लगता है। यहां के फैक्ट्री का गंदा पानी बरसाती नाले में डाला जा रहा है। उसके साथ ही यहां पर कई बार बोरी या वेस्ट बैग भी नाले में डाले जाते हैं। जब से यहां डस्टबिन रखा गया है, डस्टबिन भरने के बाद कचरा भी अक्सर नाले में चला जाता है, जिसके बदबू से यहां के लोग परेशान हैं। डस्टबिन को दूसरी जगह शिफ्ट करने के लिए नगर काउंसिल को कई बार शिकायत दी गई, लेकिन समाधान आज तक नहीं हुआ।
फूल चंद मानव, दशमेश इनक्लेव ढकोली।
कोट्स
नाले में कचरे के चलते जगह जगह ब्लॉकेज हो गया है। डस्टबिन भरने के बाद अक्सर लोग सुबह के समय जब कचरा फेंकते हैं, वह डस्टबिन के बजाय नाले में चला जाता है। नतीजा केमिकल युक्त पानी से कचरा मिलने के बाद बदबू आती, नाले के बिल्कुल पास लोगों के मकान बने हैं। जरा भी हवा तेज चली तो लोगों का बदबू के कारण घर में रहना मुश्किल हो जाता है।
राजेश पठानियां, निवासी दशमेश इनक्लेव ढकोली जीरकपुर।
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जहां पर नाले के पास डस्टबिन रखा है, वहां कुछ एरिया में स्ट्रीट लाइटें नहीं लगीं हैं। शाम केेेेे अंधेरा होने के बाद पशुओं का झुंड यहां डस्टबिन के पास मंडराते रहते हैं और आए दिन सड़क हादसे का कारण बन रहे हैं। इस डस्टबिन को यहां से हटवाने के लिए नगर काउंसिल के अधिकारियों को कई बार शिकायत दी गई, लेकिन समाधान नहीं किया गया।
सिमरन, निवासी दशमेश इनक्लेव ढकोली जीरकपुर।