फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

एक महीने में 32 मकान मालिकों पर दर्ज हुए है केस

विज्ञापन
विज्ञापन
किराएदारों की वेरिफिकेशन न करवाने वालों पर गिरी गाज
विज्ञापन

मोहाली, खरड़ और जीरकपुर एरिया में एक महीने में 32 मकान मालिकों पर दर्ज हुए केस
अमर उजाला ब्यूरो
मोहाली। किराएदारों की वेरिफिकेशन न करवाने वाले लोगों पर जिला पुलिस ने शिकंजा कस दिया है। एक महीने में जिले में करीब 32 लोगों पर केस दर्ज किए हैं जिन्होंने किराएदारों की वेरिफिकेशन नहीं करवाई थी। वहीं, एसएसपी हरचरन सिंह भुल्लर ने लोगों से विनती की कि पुलिस द्वारा चलाई जा रही मुहिम में सहयोग करें, साथ ही किसी भी इलाके में कोई संदिग्ध चीज या व्यक्ति देखते हैं तो उस बारे में तुरंत पुलिस को सूचित करें।
इलाके में लगातार आपराधिक वारदात बढ़ रही हैं। कुछ दिन पहले जीकरपुर में पुलिस ने एनकाउंटर कर गैंगस्टर भी दबोचे थे। इसके बाद से ही पुलिस किराएदारों की वेरिफिकेशन को लेकर काफी सक्रिय है। एसएसपी खुद लोगों से पब्लिक मीटिंग कर इस बारे में जागरूक कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि जब सारे लोग जागरूक होंगे तो इलाके में अपराधी ज्यादा समय के लिए ठहर नहीं पाएंगे। उन्होंने कहा कि रिहायशी एरिया के लोगों और मार्केट वालों को चौकीदार भी रखने चाहिए। इससे भी वारदात पर नकेल कसी जा सकती है।
विज्ञापन


ऐसे करवानी होगी वेरिफिकेशन
लोगों की सुविधा के लिए पुलिस की तरफ से लगभग सभी थानों में सांझ केंद्र बनाए गए हैं, जहां वेरिफिकेशन संबंधी फार्म हासिल किए जा सकते हैं। इसके बाद फार्म में सारी जानकारी व उससे जुड़े दस्तावेज लगाने होंगे। यह सारे सांझ केंद्र में जमा करवाने होंगे। इसके बाद सांझ केंद्र द्वारा वेरिफिकेशन करवाई जाएगी। इसके अलावा जो लोग सांझ केंद्र नहीं जाना चाहते हैं। वह पंजाब पुलिस की पीबी सांझ एप अपने मोबाइल में डाउनलोड करके भी यह काम कर पाएंगे।
विज्ञापन

---बॉक्स
घर में किराएदारों का तैयार करना होगा रजिस्टर
एसएसपी ने लोगों को नसीहत दी कि वह घर में अपने किराएदारों का एक स्पेशल रजिस्टर तैयार करें। इसमें किराए पर रह लोगों के नाम, पते, मोबाइल नंबर और उनके दो-चार करीबी रिश्तेदारों के पते और फोन नंबर लेकर रखें। किराएदारों की विभिन्न एंगलों से फोटो करें। इसके बाद किराएदारों द्वारा दिए गए रिश्तेदार के एड्रेस पर एक मनीआर्डर भेजें। यह मनीआर्डर भले ही 50 रुपये का क्यों न हो। अगर मनीआर्डर सही तरीके से चला जाता है तो इससे बड़ी कोई वेरिफिकेशन नहीं रह जाएगी।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें