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सच होगा सेना में अफसर बनने का सपना

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महाराजा रणजीत सिंह आर्म्ड फोर्सेस प्रीपेरेरटी इंस्टीट्यूट ने प्रवेश परीक्षा का शेडयूल किया जारी
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ऑनलाइन कर पाएंगे आवेदन, एक महीना चलेगा प्रक्रिया
चुने जाने वाले विद्यार्थियों को दी जाएगी एनडीए में अपीयर होने की ट्रेनिंग

अमर उजाला ब्यूरो
मोहाली। पंजाब के स्कूलों में दसवीं की पढ़ाई कर रहे जो विद्यार्थी सेना में अफसर बन कर देश की सेवा करना चाहते हैं, उनका जल्द ही यह सपना सच हो सकता है। सेक्टर-77 स्थित महाराजा रणजीत सिंह आर्म्ड फोर्सेस प्रीपेरेरटी इंस्टीट्यूट (एएफपीआई) ने प्रवेश परीक्षा का शेडयूल जारी कर दिया है। वहीं, संस्थान ने साफ किया है कि जो विद्यार्थी परीक्षा पास करेंगे। उनमें से मेरिट के आधार पर विद्यार्थियों को चुना जाएगा। साथ ही अगले दो साल उनकी पढ़ाई व ट्रेनिंग संस्थान द्वारा करवाई जाएगी। इसके बाद एनडीए व अन्य परीक्षाओं में विद्यार्थी अपीयर होंगे। जानकारी के मुताबिक महाराज रणजीत सिंह आम्र्ड फोर्सेस प्रीपेरेरटी इंस्टीटयूट (एएफपीआई) एनडीए ज्वाइन करने हेतु पंजाब से युवा लड़कों का चयन करने की ट्रेनिंग दी जाती है। इस संबंधी प्रवेश परीक्षा बीस जनवरी को होगी। परीक्षा अंग्रेजी व गणित की होगी। परीक्षा में पंजाब के स्कूलों में पढ़ रहे दसवीं के विद्यार्थी हिस्सा लेंगे। वहीं परीक्षा में अपीयर होने वालों का जन्म दो जुलाई 2002 से पहले का न हो। इस दौरान चुने जाने वाले विद्यार्थियों को उत्कृष्ट खेल एवं अन्य गतिविधियां, व्यक्तिगत कमरे व बाथरूम आदि सुविधाएं दी जाती हैं।

ऐसे चलेगी आवेदन प्रक्रिया
महाराजा रणजीत सिंह आर्म्ड फोर्सेेस प्रीपेरेटरी इंस्टीट्यूट चार दिसंबर 2018 से चार जनवरी 2019 तक चलेगी। इसके लिए युवाओं को http /recruitment.portal.in पर लॉगिन करना होगा। वहीं, परीक्षा संबंधी कोई भी जानकारी लेने के लिए संस्थान की वेबसाइट Uwww.afpipunjab.org पर जाना होगा। इसके अलावा संस्थान के डायरेक्टर से संपर्क किया जा सकता है। इसके लिए afpi_mohali@yahoo.com पर जाए। इसके अलावा 9041006305 व 01602258705 पर सुबह नौ से पांच बजे तक संपर्क किया जा सकता है।
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इसलिए बनाया गया है संस्थान
जानकारी के मुताबिक जब राज्य में अकाली दल-बीजेपी की सरकार थी, उस समय राज्य के तत्कालीन मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल के ध्यान में आया था कि सेना के तीनों अंगों में पंजाब के अफसरों की कमी हो गई। इसके बाद उन्होंने सेना के अधिकारियों व माहिरों से बातचीत की। जिसके बाद महाराजा रणजीत सिंह आर्म्ड फोर्सेेस प्रीपेरेटरी इंस्टीट्यूट स्थापित किया गया, जिसके बाद से अब चार सालों में करीब सौ से ज्यादा स्टूडेंट सेना में अफसर बन चुके हैं।
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