फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Mohali News: एक दिन में डायरिया के 26 केस मिले, गांव कुंभड़ा में दो की हो चुकी है मौत

विज्ञापन
विज्ञापन
मोहाली। जिले में डायरिया की बीमारी कहर ढाने लगी है। जिले में बुधवार को 26 नए केस सामने आए। वहीं, गांव कुंभड़ा में बीते पांच दिन में दो लोगों की मौत हो चुकी है। मृतकों की पहचान चंद्र (70) और नैना (5) के रूप में हुई है। परिजनों के मुताबिक, दोनों को दस्त लगे थे। हालंकि स्वास्थ्य विभाग ने अब तक डायरिया से किसी की मौत की पुष्टि नहीं की है। नैना की सगी बहन 13 वर्षीय अंजलि भी डायरिया से पीड़ित है, उसे मंगलवार को सिविल अस्पताल में भर्ती करवाया गया। जिले में डायरिया के मामले सामने आने के बाद प्रशासन हरकत में आ गया है। रोकथाम के लिए जिले में 15 रैपिड रिस्पांस (आरआर) टीमें सक्रिय कर दी गईं हैं। ये टीमें हॉट स्पॉट क्षेत्रों में जाकर घर-घर सर्वे कर रहीं हैं। एडीसी (ग्रामीण विकास) सोनम चौधरी और एडीसी (शहरी विकास) दमनजीत सिंह मान ने अधिकारियों के साथ बैठक कर प्रभावित इलाकों में तेजी से काम करने की बात कही। बताया कि मरीजों को आवश्यक दवाएं देने के साथ लोगों को जागरूक भी किया जा रहा है।
विज्ञापन

बुधवार को नए मिले 26 मरीजों को फेज-6 के सिविल अस्पताल में भर्ती करवाया गया है। इनमें गांव कुंभड़ा के चार मरीज शामिल हैं। कुंभड़ा में दस्त से हुई बच्ची नैना की मौत के बाद पिता मनोज कुमार ने बताया कि बीती सोमवार शाम जब वह काम से घर लौटे तो नैना ठीक थी। रात में उसे दस्त लग गए। वह पांच बार शौच के लिए गई। इससे वह काफी कमजोर हो गई। रात होने के कारण वह उसे अस्पताल लेकर नहीं गए मंगलवार सुबह करीब पांच बजे नैना ने दम तोड़ दिया। 70 वर्षीय चंद्र के बेटे सन्नी कुमार ने बताया कि उनके पिता मजदूरी करते थे। बीते वीरवार से बीमार चल रहे थे और उनको दस्त हुए लगे थे। वह दवा भी खा रहे थे। शनिवार सुबह अचानक वह गिर गए, जब उन्हें उठाने की कोशिश की तो वह कुछ नहीं बोल पाए। जब उन्हें फेज-6 सिविल अस्पताल ले जाया गया तो वहां डॉक्टरों ने जांच के बाद उन्हे मृत घोषित कर दिया।

ये हैं हॉट स्पॉट क्षेत्र
डेराबस्सी में वार्ड नंबर-18 स्थित रौनी मोहल्ला, सैनी नगर, गांव धीरेमाजारा, मदनपुर, मौली बैदवान, बलौंगी में आजाद नगर और आदर्श नगर, बड़माजरा, संतेमाजरा, रामबाग खरड़, शिवजोत एनक्लेव खरड़ और जुझारनगर को डायरिया हॉट स्पॉट क्षेत्र घोषित किया गया है। इन इलाकों में घर-घर जाकर सर्वेक्षण किया जा रहा है और लोगों को आवश्यक दवाएं दी जा रहीं हैं।
विज्ञापन


आशा वर्कर और जल विभाग के कर्मी बांट रहे दवा
गांव कुंभड़ा में 12 आशा वर्कर और आठ जल विभाग के कर्मचारी तैनात किए गए हैं। आशा वर्कर्स घर-घर जाकर क्लोरीन की तीन-तीन गोलियां बांट रहीं हैं। एक गोली 20 लीटर पानी में मिलानी होती है, यह पानी को एक घंटे में शुद्ध कर देती है। इस पानी का असर केवल 12 घंटे के लिए ही रहता है। आशा वर्कर लोगों को हिदायत दे रहीं हैं कि बाहर का खुला हुआ खाना न खाएं और पानी को उबालकर पिएं। जल विभाग की टीम भी पानी की टंकियों में सोडियम हाइपोक्लोराइट मिला रही है। यह 1000 लीटर पानी में 100 एमएल मिलाने से पानी के बैक्टीरिया को मारने की क्षमता रखता है। साथ ही घरों से पानी के सैंपल भी कलेक्ट किए गए।


खाला प्लॉटों में फैला है कूड़ा
गांव कुंभड़ा के खाली प्लॉटों में लोगों ने कूड़ा फेंककर उन्हें डंपिंग ग्राउंड बना डाला है। यहां नालियों का कूड़ा भी इलाके में जमा कर दिया जाता है। ये कूड़ा भी इलाके में पड़ा हुआ है। इसकी वजह से यहां गंदगी और मच्छर पनप रहे हैं।

कोट
गांव कुंभड़ा की डिस्पेंसरी में बुधवार को दोपहर दो बजे तक आए 16 मरीजों की जांच कर दवा दी गई है। एक मरीज को फेज-6 सिविल अस्पताल में रेफर किया गया है। रेफर किए मरीज की पहचान कुलदीप सिंह के रूप में हुई है जो पहले निजी डॉक्टर से दवा ले रहा था और डोर टू डोर जागरूकता के बाद वह कुंभड़ा डिस्पेंसरी में जांच कराने आया था।
-डॉ. संगीतपाल कौर, आरएमओ

कोट्स
डायरिया की रोकथाम और जागरूकता के लिए हमारी टीमें काम कर रहीं हैं। जहां तक दो मौत का सवाल है तो उसकी पुष्टि हम नहीं कर सकते क्योंकि न तो मृतकों का पोस्टमार्टम हुआ है और न ही दोनों का इलाज सिविल अस्पताल में किया गया था। एक मामला 20 जुलाई और दूसरा मामला 23 जुलाई का। इनकी हमें कोई सूचना नहीं दी गई इसलिए मौत डायरिया से हुई है कि नहीं, इसकी पुष्टि नहीं की जा सकती।
- डॉ. दविंदर कुमार, सिविल सर्जन, जिला मोहाली



561 में से पानी के 243 सैंपल फेल
जिले में जनवरी 2024 से 15 जुलाई तक प्रभावित क्षेत्रों से लिए गए पानी के 561 सैंपलों में से 243 फेल हो चुके हैं। इनमें कई सैंपल स्कूलों के भी हैं। पिछले साल डायरिया के हॉट स्पॉट रहे इलाकों के साथ कुछ नए इलाकों से भी सैंपल लिए गए थे। प्रशासन का कहना है कि जिन इलाकों के सैंपल फेल हुए हैं, वहां डीसी आशिका जैन के आदेश पर पानी का टैंकर मुहिया कराया जा रहा है। वहीं, जिन स्कूलों के सैंपल फेल हुए हैं, वहां के आरओ को ठीक करवा दिया गया है।

-

डायरिया के साथ डेंगू व हैजा की भी निगरानी, जल्द शुरू होगा कॉल सेंटर
सबहेड
अतिरिक्त डिप्टी कमिश्नर शहरी व ग्रामीण ने बैठक कर अधिकारियों को दिए जरूरी निर्देश

दूषित जल स्रोतों से पानी के व्यापक नमूने लेने के निर्देश जारी
सुरक्षित पेयजल मुहैया कराने के साथ फॉगिंग कराने को भी कहा

संवाद न्यूज एजेंसी
मोहाली। जिला प्रशासन जिले में डायरिया, हैजा और डेंगू के मामलों की लगातार निगरानी कर रहा है। बुधवार को डायरिया की रोकथाम के लिए अतिरिक्त डिप्टी कमिश्नर (ग्रामीण विकास) सोनम चौधरी और अतिरिक्त डिप्टी कमिश्नर (शहरी विकास) दमनजीत सिंह मान ने अधिकारियों के साथ बैठक की। इसमें अतिरिक्त डिप्टी कमिश्नर ने अधिकारियों को हॉट स्पॉट क्षेत्रों में विशेष ध्यान देने को कहा। साथ ही बताया कि जिला प्रशासन की ओर से जल्द एक कॉल सेंटर भी स्थापित किया जाएगा। इससे जिला प्रशासन प्रभावित मरीजों व उनके परिजनों से संपर्क बनाए रखेगा और आवश्यक सहायता की व्यवस्था करेगा। साथ ही मरीजों का हालचाल भी पूछेगा।
दोनों अधिकारियों ने बताया कि हॉट स्पॉट सहित विभिन्न स्थानों पर सरकारी व निजी चिकित्सा शिविर लगाए जा रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग व जलापूर्ति एवं स्वच्छता विभाग लगातार सैंपल लेकर जांच कर रहा है। एडीसी ने बताया कि जब तक यह सुनिश्चित नहीं हो जाता कि प्रभावित लोग जिस स्रोत से पानी पी रहे हैं, वह पूरी तरह सुरक्षित है, तब तक पेयजल की वैकल्पिक आपूर्ति की जाए। उन्होंने आगे बताया कि निजी मोटरों/पंपों के माध्यम से खींचे जाने वाले पानी की जांच भी सुनिश्चित की जाए। विशेष रूप से सोसायटियों के पंपों सहित सभी प्रभावित क्षेत्रों की जलापूर्ति की जांच की जाए।
कहा कि संबंधित विभाग अपनी-अपनी कार्रवाई की संयुक्त रिपोर्ट प्रस्तुत देंगे। सैंपलिंग या जांच के दौरान पानी का स्रोत दूषित पाए जाने पर तुरंत कनेक्शन काटने के निर्देश भी दिए गए। इसके अलावा एडीसी ने कहा कि डेंगू की रोकथाम के लिए टीमें भी लगातार काम कर रही हैं। लोगों को लगातार बचाव के उपायों के बारे में जागरूक किया जा रहा है। एडीसी ने स्थानीय निकाय विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि लार्वा को रोकने के लिए लगातार छिड़काव किया जाए और फॉगिंग सुनिश्चित की जाए।
नगर निगम मोहाली, नगर परिषदों और नगर पंचायतों के अधिकारियों को लार्वा पाए जाने पर अधिक से अधिक चालान करने के निर्देश दिए। उन्हें अगस्त से नवंबर के दौरान होने वाले डेंगू के चरम को रोकने के लिए भी प्रयास करने के लिए कहा गया। इस संबंध में दवाओं और फॉगिंग मशीनों सहित जो भी जरूरत है, उसे प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया जाना चाहिए।
बैठक में मौजूद अधिकारियों में एसडीएम मोहाली दीपांकर गर्ग, एसडीएम डेराबस्सी हिमांशु गुप्ता, सिविल सर्जन डॉ. दविंदर कुमार पुरी, डीएचओ डॉ. सुभाष और जिला महामारी विशेषज्ञ डॉ. हरमन और स्थानीय निकाय विभाग और पंचायत विभाग के प्रतिनिधि शामिल थे।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें