मोहाली। टंगोरी गांव के पास पंजाब पुलिस की वर्दी पहनकर आए हथियारबंद बदमाशों ने एक कारोबारी से 23 लाख रुपये लूट थे। आरोपियों ने खुद को पुलिसकर्मी बताकर चेकिंग का नाटक रचा और पिस्टल दिखाकर नकदी लेकर भाग गए थे। मोहाली पुलिस की सीआईए टीम ने इस मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
हालांकि, पांच अन्य आरोपी अभी भी गिरफ्त से बाहर हैं, उनकी तलाश जारी है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान साहिल वर्मा और मनप्रीत सिंह के रूप में हुई है। दोनों को अदालत में पेश कर पुलिस रिमांड पर लिया गया है। पुलिस ने वारदात में इस्तेमाल की गई एंडेवर कार भी बरामद की है। सीआईए अब वारदात में इस्तेमाल की गई पंजाब पुलिस की वर्दी, हथियार और अन्य आरोपियों की तलाश कर रही है। एसएचओ आईटी सिटी ने हालांकि आरोपियों की गिरफ्तारी की पुष्टि नहीं की है। रिमांड के दौरान गिरोह के अन्य सदस्यों और वारदात से जुड़े साक्ष्यों के बारे में पूछताछ की जा रही है।
वारदात का तरीका
पुलिस के अनुसार, संगरूर के मोहित गोयल ने शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया कि वह 10 जून को डॉलर एक्सचेंज के एक सौदे के सिलसिले में 23 लाख रुपये लेकर टंगोरी क्षेत्र में आए थे। उनके साथ एक परिचित भी मौजूद था। इस दौरान मनप्रीत सिंह उनकी गाड़ी में बैठ गया। उसने बातचीत के दौरान यह सुनिश्चित कर लिया कि नकदी वाहन में मौजूद है। कुछ दूरी पर पहुंचने के बाद एक अन्य वाहन ने उनकी गाड़ी को रोक लिया। वाहन से चार लोग बाहर निकले, जिनमें से दो पंजाब पुलिस की वर्दी पहने हुए थे।
नकली चेकिंग और लूट
आरोपियों ने खुद को पुलिसकर्मी बताते हुए वाहन की तलाशी लेने की बात कही। तलाशी के नाम पर पूछताछ शुरू की गई। कुछ ही देर में हथियार दिखाकर 23 लाख रुपये से भरा लिफाफा छीन लिया गया। शिकायतकर्ता के अनुसार, आरोपी जाते समय उसका मोबाइल फोन और कार की चाबी भी छीनकर सड़क किनारे फेंक गए। आरोपियों ने मनप्रीत को भी अपने साथ बैठाकर फरार होने का नाटक किया। यह इसलिए किया गया ताकि किसी को उन पर शक न हो। थाना प्रभारी अमनदीप कंबोज ने बताया कि प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपियों ने पहले से योजना बनाई थी। उन्होंने डॉलर के लेन-देन का झांसा दिया था। पीड़ित के पास मौजूद नकदी की जानकारी हासिल कर वारदात को अंजाम दिया गया। पुलिस का दावा है कि जल्द ही सभी फरार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।