गैस जलाते ही सिलिंडर में आग, परिवार आया आफत में
गांव नग्गा फैजगढ़ में शनिवार दोपहर का मामला
लोगों ने हिम्मत कर जलते हुए सिलिंडर को घर से बाहर निकाला
कई घंटे तक चलता रहा ड्रामा, कोई जानी नुकसान नहीं हुआ
अमर उजाला ब्यूरो
मोहाली। खरड़ से सटे गांव नग्गा फैजगढ़ के एक घर में शनिवार को एक परिवार उस समय आफत में आ गया जब अचानक गैस जलाते ही सिलिंडर ने आग पकड़ ली। घरवालों ने इकट्ठे होकर किसी तरह जलते हुए सिलिंडर को बाहर निकाला। साथ ही गैस कंपनी को फोन किया। लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। आखिरी में लोगों ने सीधे गैस कंपनी के मालिक को फोन किया तब जाकर शाम साढ़े सात बजे गैस कंपनी के मुलाजिम पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। स्थिति कंट्रोल में आई तब जाकर लोगों ने राहत की सांस ली।
गांव के सरपंच मेवा सिंह ने बताया कि उनके भतीजे कुलविंदर के घर में यह घटना घटी । उन्होंने बताया कि शनिवार को ही नया सिलेंडर लेकर परिवार वाले आए थे। जैसे ही वह लगाया और घरवाले कुछ बनाने लगे। इस दौरान अचानक सिलिंडर ने आग पकड़ ली। आग की लपटें काफी ऊंची थीं। वहीं, इस दौरान घर की महिलाएं डर गईं। उन्हें समझ नहीं आ रहा था कि आखिर क्या करें। इस दौरान लोगों ने सिलेंडर पर पानी भी फेंका लेकिन आग नहीं बुझ रही थी। लोग सिलिंडर ब्लास्ट न कर जाए इस बात से भी डर रहे थे। आखिर में सिलिंडर को आग लगने की खबर पूरे गांव में फैल गई। सारे लोग इकट्ठा हो गए। इसके बाद लोगों ने हिम्मत करके जलते हुए सिलिंडर को घर से बाहर निकाला और काफी दूर खेतों में ले गए। शाम तक ऐसे ही लपटें जलती रहीं।
गैस कंपनी वालों ने नहीं दिखाई गंभीरता
सरपंच मेवा सिंह ने बताया कि जब आग लगी तो उन्होंने गैस कंपनी के दफ्तर में फोन किया। कंपनी मुलाजिमों ने मौके पर आने के बजाय सलाह दी कि आप सिलिंडर को पानी वाली टंकी या किसी ऐसी जगह फेंक दो जहां पानी अधिक है। सहायता के लिए कोई भी नहीं आया। उन्होंने कहा कि फिर उन्होंने गैस कंपनी के मालिक को फोन किया तो पहले उसने भी कई सवाल जवाब किए। आखिर में उसने मुलाजिम भेजे, जिन्होंने आकर स्थिति चेक की।
पहले भी हो चुकी है ऐसी घटना
यह इस तरह का पहला मामला नहीं है। मोहाली में भी इस तरह की घटनाएं पहले भी हो चुकी हैं। फेज-दस में अचानक गैस सिलिंडर ने आग पकड़ ली थी। इस दौरान एक महिला व उसके परिवार वाले झुलस गए थे। इसके अलावा फेज-नौ के घर में आग लग गई थी। इस दौरान सिलेंडर ब्लास्ट होने से काफी नुकसान हो गया था।