निगम को सौंपे जाएं स्पोर्ट्स कांप्लेक्स
- नगर काउंसिल के पूर्व प्रधान ने मंत्री बाजवा को लिखा पत्र, कहा- नो प्राफिट नो लॉस के आधार पर चलाया जाए
- नगर काउंसिल स्पोर्ट्स कांप्लेक्स निगम के अधीन लेने से हटा पीछे
- मेयर कह चुके हैं कि इनकी देखभाल करना काफी मुश्किल
अमर उजाला ब्यूरो
मोहाली। नगर निगम के मेयर हाउस की मीटिंग में साफ कर चुके हैं कि स्पोर्ट्स कांप्लेक्स नगर निगम अपने अधीन नहीं लेगा, क्योंकि इनकी देखभाल की जिम्मेदारी थोड़ी मुश्किल है। वहीं, सरकार से अपील की जाएगी कि वह इन्हें अपने अधीन ले, साथ ही खिलाड़ियों से उचित रेट वसूले जाएं। दूसरी तरफ नगर काउंसिल के पूर्व प्रधान एनके मरवाहा ने इस मामले में पंजाब हाउसिंग एंड अर्बन डिपार्टमेंट मंत्री तृप्त राजिंदर सिंह बाजवा को पत्र लिखकर मांग की कि स्पोर्ट्स कांप्लेक्स नगर निगम के अधीन किए जाएं। उन्होंने पत्र में लिखा कि गमाडा ने शहर के विभिन्न हिस्सों में स्पोर्ट्स कांप्लेक्स बनाए हैं। इनमें शहरी बच्चे खेलते हैं लेकिन गमाडा ने कांप्लेक्स प्राइवेट कंपनी को दे दिए हैं जबकि कंपनियां बच्चों से मनमाने रेट वसूल रही हैं। इससे उन्हें परेशानी उठानी पड़ती है।
उन्होंने पत्र में लिखा कि इन स्पोर्ट्स कांप्लेक्स को नो प्राफिट नो लॉस के आधार पर चलाया जाए। इनकी जमीन व निर्माण का खर्च पहले ही शहरवासियों के प्लाटों की कीमत से वसूला जा चुका है। वहीं, गमाडा की तरफ से शहर में प्लाटों की अलाटमेंट के समय प्लाटों की कीमत में पार्कों, सड़कों, अस्पतालों, स्कूलों, स्टेडियमों व कम्युनिटी सेंटरों के लिए जमीन आरक्षित रखकर ही प्लाटों की कीमत तय की थी। उन्होंने पत्र में लिखा कि शहर के बच्चों को खेलों की सुविधा मुहैया करवाना सरकार की जिम्मेदारी है। इन स्पोर्ट्स कांप्लेक्सों को प्राइवेट कंपनी को लीज पर देना इसका उचित हल नहीं है।