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खोसला बनी जज, कुराली में जश्न का माहौल

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एकता बोलीं-सफलता के पीछे पैरेंट़्स व पति का रहा पूरा सहयोग
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बेटी पैदा होने के दो दिन बाद परीक्षा में हुई थी अपीयर

अमर उजाला ब्यूरो
कुराली। कुछ लोग ऐसे होते हैं जो अपने संघर्ष को उस समय तक जारी रखते हैं जब तक वे लक्ष्य प्राप्त न कर लें। शहर की एकता खोसला ने भी कुछ ऐसा ही करके दिखाया है। इसने अपने माता-पिता सहित पति के सपने को साकार करते हुए पीसीएस (ज्यूडिशयल) में न्यायाधीश बन कर कुराली का नाम रोशन किया है। एकता के न्यायाधीश बन कर घर पहुंचने पर परिवार द्वारा उसका पूरे उत्साह के साथ सम्मान किया गया तथा घर पर बंधाई देने वालों तांता लगा रहा।
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एकता ने अपने इस संघर्षपूर्ण जीवन के बारे में बताया कि उसके माता पिता का एक ही सपना था कि उनकी बेटी न्यायाधीश की कुर्सी पर बैठकर लोगों को इंसाफ दे। माता पिता के इस सपने को अपने जीवन में बैठा कर अपने इस संघर्ष को शुरू करते हुए उसने चंडीगढ़ के गुरू हरकृष्ण स्कूल में बाहरवी कक्षा, फिर एमसीएम कालेज चंडीगढ़ से ही ग्रेजुएशन करके पंजाब यूनिवर्सिटी से लॉ की पढ़ाई शुरू की। उसने बताया कि पंजाब यूनिवर्सिटी से ही पब्लिक एडमिनिस्ट्रेशन की पढ़ाई को पूरा करके उसने अपने माता पिता के सपने को साकार करने के लिए रात दिन मेहनत करनी शुरू कर दी। एकता ने बताया कि स्कूल शिक्षा के दौरान भी उसके अध्यापक उसको अपने इस सपने को पूरा करने के लिए प्रेरित करते थे। उन्होंने बताया कि पढ़ाई के दौरान ही उनकी वर्ष 2011 में शादी हो गई, लेकिन संघर्ष जारी रखा। जब शादी के बाद अपने पति दलबीर सिंह को अपने इस सपने के बारे में बताया कि तो उन्होंने पूरा सहयोग दिया। उन्होंने बताया कि 26 दिसंबर को उनके ऑप्रेशन के साथ बेटी हुई तथा 28 जनवरी को उन्होंने अपना पेपर तीन मंजिल पर चढ़कर दिया। इस संघर्ष का नतीजा आज ये निकला है कि पापा और परिवार का सपना साकार कर सकी हूं।
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फोटो कैपशन : कुराली पहुंचने पर एकता को सम्मानित करते हुए उसके पारिवारिक मेंबर।
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