अधिकारियों ने प्रांगण की लाइट की बंद, शिक्षक अंधेरे में करते रहे नारेबाजी
संवाद न्यूज एजेंसी
मोहाली। लंबे समय से जॉइनिंग की मांग कर रहे ईटीटी काडर के 5994 और 2364 यूनियन के करीब 200 बेरोजगार शिक्षकों ने दूसरे दिन डीपीआई दफ्तर का घेराव किया। मंगलवार दोपहर 3 बजे बेरोजगार शिक्षक बिल्डिंग में घुसकर छठी मंजिल पर बने डीपीआई दफ्तर के बाहर जाकर बैठ गए। इस दौरान बेरोजगार शिक्षकों को पुलिस ने रोकने का प्रयास किया लेकिन धक्का-मुक्की के बाद बेरोजगार शिक्षक डीपीआई दफ्तर के बाहर बैठ गए। दफ्तर के बाहर बेरोजगार शिक्षकों ने मुख्यमंत्री भगवंत मान की अगुवाई वाली आप सरकार और शिक्षा विभाग के खिलाफ नारेबाजी की। खबर लिखे जाने तक करीब 200 बेरोजगार शिक्षक डीपीआई दफ्तर के बाहर बैठे थे। डीपीआई दफ्तर का स्टॉफ वहां मौजूद था। अधिकारियों ने धरना स्थल वाली जगह की लाइट बंद कर दी है। अंधेरे में बेरोजगार शिक्षक वहां बैठे हैं।
प्रदर्शन के दौरान बेरोजगार शिक्षक सोमवार सुबह 10 बजे गुरुद्वारा श्री अम्ब साहिब में इकट्ठे हुए, जहां विभिन्न नेताओं ने संबोधन किया। इसके बाद उन्होंने विशाल मार्च निकालते हुए डीपीआई दफ्तर का रुख किया और प्रदर्शन किया। यूनियन नेताओं के मुताबिक, ईटीटी 5994 भर्ती पर पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने किसी भी प्रकार की रोक नहीं लगाई है लेकिन शिक्षा विभाग के उच्च अधिकारियों ने हाईकोर्ट से रोक लगे होने का बहाना बनाकर जॉइनिंग प्रक्रिया को रोका हुआ है। यूनियन के नेताओं बलिहार सिंह, हरजीत बुढलाडा, बंटी कंबोज, गुरसंगत बुढलाडा, बग्गा खुडाल, परमपाल फाजिलका, मनप्रीत मंसा और हरीश कंबोज ने बताया कि ईटीटी 2364 भर्ती की प्रोविजनल सिलेक्शन लिस्ट 25 जुलाई 2024 को और 5994 भर्ती की प्रोविजनल सिलेक्शन लिस्ट 1 सितंबर 2024 को जारी की जा चुकी है लेकिन अब तक शिक्षा विभाग ने हमें जॉइनिंग नहीं दी।
उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य के चार हलकों में चुनावी कारणों से शिक्षा विभाग ने चुनाव आचार संहिता का बहाना बनाकर भर्ती प्रक्रिया रोक दी थी, लेकिन भारतीय चुनाव आयोग ने 14 अक्टूबर 2024 को इस भर्ती प्रक्रिया पर कोई रोक न लगाते हुए तुरंत जॉइनिंग देने की मंजूरी दी थी। इसके बाद 19 नवंबर 2024 को पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट में इस मामले पर सुनवाई हुई जिसमें कोर्ट ने किसी भी प्रकार की रोक का उल्लेख नहीं किया और सुनवाई की अगली तारीख 17 जनवरी 2025 तय की। इसके बावजूद शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने दावा किया कि इस भर्ती प्रक्रिया पर रोक लगी है जबकि कोर्ट के आदेश में इस प्रकार की कोई भी रोक नहीं है।
यूनियन नेताओं ने कहा कि उनके वकील ने भी कोर्ट के आदेश को देखा और साफ किया कि कोई रोक नहीं है और शिक्षा विभाग चाहे तो जल्द ही स्कूलों में स्टेशन अलॉट करके जॉइनिंग करवा सकते हैं, लेकिन विभाग इस पर कदम नहीं उठा रहा है।