शहर को कैटल फ्री बनाने के लिए नगर निगम ने झोंकी ताकत
नगर निगम ने प्लान तैयार कर जिला प्रशासन को भेजा
अमित शर्मा
मोहाली। शहर के लोगों को आने वाले दिनों में लावारिस पशुओं से कुछ राहत मिल सकती है। नगर निगम ने ढाई सौ के करीब पशुओं को मोहाली गौशाला से लालड़ू गौशाला में शिफ्ट करने की तैयारी की है। इसके लिए बाकायदा प्लान बनाकर जिला प्रशासन व पशु पालन विभाग को भेज दिया गया है। जैसे ही इस प्रस्ताव को मंजूरी लगेगी, उसके बाद यह काम शुरू हो जाएगा। इसके बाद नगर निगम द्वारा शहर में घूमते अन्य पशु पकड़ने के काम में भी तेजी आएगी। नगर निगम के असिस्टेंट कमिश्नर सरबजीत सिंह ने पशुओं इसकी पुष्टि की है। उन्होंने कहा कि सारा काम मंजूरी पर टिका हुआ है। जैसे ही फाइल को मंजूरी मिलेगी, उसके बाद इस प्रक्रिया को पूरा कर लिया जाएगा।
जानकारी के मुताबिक शहर में लावारिस पशुओं का आतंक काफी बढ़ गया है। आए दिन लोग पशुओं की वजह से हादसों का शिकार हो रहे हैं। इतना ही नहीं पशुओं की चलते हाल ही में एक व्यक्ति जान तक चली गई थी। इसके बाद यह मामला खूब गरमाया था। बाद में कैबिनेट मंत्री बलबीर सिंह सिद्धू ने कहा था कि उक्त पशुओं पर शिकंजा कसा जाएगा। इसके लिए पशुपालन विभाग भी सहयोग करेगा। साथ ही पशुओं को लालडू स्थित गौशाला में शिफ्ट किया जाएगा। साथ ही पशुओं को पकड़ने की कार्रवाई तेज की जाएगी।
गौशाला पूरी भरी, प्रबंधकों ने खड़े किए हाथ
मोहाली के फेज-एक इंडस्ट्रियल एरिया स्थित नगर निगम की गौशाला पशुओं से भरी पड़ी है। गौशाला में सात सौ से भी ज्यादा क्षमता है। हालांकि गौशाला में तीन सौ के करीब पशु रखे जा सकते हैं। गौशाला वाले भी कई बार नगर निगम के अधिकारियों को इस बारे में कह चुके हैं। लेकिन इसके बाद भी इस दिशा में कार्रवाई नहीं हो रही है।
मेयर ने नगर निगम अधिकारियों से मांगी रिपोर्ट
कुछ दिन पहले हुई हाउस की मीटिंग में भी शहर में लावारिस पशुओं के आतंक का मामला गूंजा था। पार्षदों ने सवाल किया कि जुर्माना राशि बीस हजार किए जाने के बाद भी सड़कों से पशु कम नहीं हो रहे हैं। सुबह और शाम पशुओं का आतंक सबसे ज्यादा है। जबकि अब आगे धुंध का मौसम आने वाला है। ऐेसे में स्थिति और भी ज्यादा खराब हो जाएगी। इसके बाद नगर निगम के मेयर कुलवंत सिंह ने नगर निगम के अधिकारियों से सारी रिपोर्ट मांगी है। इसमें उन्हें बताना होगा कि कितने पशु अब तक उन्होंने पकड़े हैं। कितने लोगों पर केस दर्ज करवाए गए। जबकि कितना जुर्माना वसूला गया।
व्यक्ति की मौत के बाद मांगा 98 लाख का मुआवजा
जानकारी के मुताबिक कुछ समय पहले चंडीगढ़ निवासी एक पति पत्नी बाइक पर अपनी ड्यूटी जा रहे थे। जब वह मटौर थाने के पास पहुंचे थे। तो उनकी बाइक के आगे एक पशु आ गया था। इसके बाद व्यक्ति की मौत हो गई थी। जबकि पत्नी गंभीर रूप से घायल हो गई थी। इसके बाद पीड़ित परिवार ने इस हादसे के लिए नगर निगम को जिम्मेदार ठहराया था। साथ ही 98 लाख रुपये के मुआवजे की मांग की थी। अब यह मामला हाईकोर्ट में पहुंच गया है।
इन सड़कों पर चलना है तो जरा बचकर
शहर की कई सड़कों पर पशुओं का सबसे ज्यादा आतंक है। दो सौ फुट चौड़ी एयरपोर्ट रोड पर खरड़ से लेकर जीरकपुर तक सारी सड़क पर पशुओं का आतंक है। क्योंकि सड़क के दोनों तरफ ग्रामीण एरिया है। इसी तरह फेज-छह से खरड़ जा रहे नेशनल हाईवे 21 पर भी पशु अचानक आ जात है। बावा व्हाइट हाउस से बलौंगी, फेज-11 से फेज-छह बस स्टैंड रोड, फैंदा से सेक्टर-66, सेक्टर-52 से मटौर जाने वाली सड़क पर पशुओं का सबसे ज्यादा आतंक है।
अब तक पकड़े गए 529 पशु
नगर निगम ने जनवरी 2018 से 11 नवंबर 2018 तक 529 पशुओं को पकड़ा था। इसमें 68 पशुओं से जुर्माना वसूला गया। जुर्माना राशि के रूप में 302000 रुपये वसूले गए। जबकि विभाग की यह मुहिम आगे भी जारी है।