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मनी लांड्रिंग केस में राय बहादुर निरवाल भगोड़ा करार

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मनी लॉन्ड्रिंग केस में राय बहादुर निरवाल भगोड़ा करार
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सीबीआई की विशेष अदालत में हुई केस की सुनवाई
आरोपी काफी समय से अदालत में नहीं हो रहा था पेश, कई बार भेजे गए वारंट
अमर उजाला ब्यूरो
मोहाली।
करोड़ों रुपये की ड्रग्स तस्करी मामले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग केसों की शुक्रवार को सीबीआई की अदालत में सुनवाई हुई। इस दौरान अदालत ने मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट के तहत दर्ज केस में आरोपी राय बहादुर निरवाल को भगोड़ा करार दिया। राय बहादुर निरवाल निवासी ब्रैम्पटन (कनाडा) में रह रहा है। वह राजस्थान के जिला गंगानगर का रहने वाला है। वह सीबीआई की अदालत में मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट के तहत केस में पेश नहीं हो रहा है। अदालत द्वारा जारी आदेशों में कहा गया है कि राय बहादुर निरवाल के गिरफ्तारी वारंट जारी किए गए थे, लेकिन वह ट्रेस नहीं हो रहा है। अदालत का मानना है निरवाल फरार हो चुका है और वह अदालत में पेश नहीं होना चाहता। कोर्ट ने उसे भगोड़ा करार देते हुए उसे 27 फरवरी को अदालत में पेश होने के लिए आदेश जारी किए हैं।
जिक्रयोग है कि अंतरराष्ट्रीय ड्रग्स तस्करी केस में ईडी के अधिकारियों ने जिला नवांशहर की बंगा तहसील के अधीन आते शहर गोरायां में चुन्नी लाल गाबा की प्रॉपर्टी को अटैच किया था। ईडी ने चुन्नी लाल गाबा, उसके पुत्र गुरमेश गाबा के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट की धाराओं के तहत केस दर्ज किया था। चुन्नी लाल गाबा और उसका परिवार मनी लांड्रिंग एक्ट के तहत केस में अन्य आरोपी पूर्व जेल मंत्री सरवन सिंह फिल्लौर और उनके बेटे दमनवीर सिंह के नजदीकी थे।
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चुन्नी लाल गाबा के भी वारंट जारी
एक अन्य केस में अदालत ने पंजाब के गोरायां शहर के अकाली नेता और बिजनेसमैन चुन्नी लाल गाबा के गिरफ्तारी वारंट जारी कर दिए हैं। गत वर्ष 22 दिसंबर को अदालत ने चुन्नी लाल गाबा और उसके बेटे गुरमेश गाबा की जमानत याचिकाएं भी सीबीआई की अदालत द्वारा रद्द कर दी गई थीं। चुन्नी लाल गाबा अदालत में पेश नहीं हो रहे, इस कारण अदालत ने उसके गिरफ्तारी वारंट जारी कर दिए हैं।
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