‘दिवे मिल के मोहब्बतां दे बालिए’ से दिया शांति का संदेश
किसानों की आत्महत्या से लेकर मी टू कैंपन तक भावनाओं को झकझोर चुकी है कलेेर की कलम
अमर उजाला ब्यूरो
मोहाली। लोगों को मुहब्बत का पैैगाम देते एक पुलिस अफसर का साहित्य प्रेेम समाज के लिए नजीर बन गया हैै। पंजाब पुलिस सर्विसिज के अधिकारी गुरजोत सिंह कलेर एक सफल अधिकारी होने के साथ ही बेहतरीन साहित्यकार भी हैं। उनका मानना है कि आप जिंदा हैं तो जिंदा नजर आना भी जरूरी है।
किसानों की आत्महत्या से लेकर मी टू कैंपेन तक अपनी संवेदनशील कलम से भावनाओं को झकझोरने वाले कलेर ने अपनी पहली पंजाबी कविता यूट्यूब पर अपलोड की है। ‘दिवे मिल के मोहब्बतां दे बालिए’ शीर्षक से लिखी गई इस कविता के जरिए डीएसपी गुुरजोत सिंह कलेर युुद्ध और हिंसा से होनेे वालेे नुकसान के प्रति सचेेत करते हुए समाज को अमन और शांति का संदेश देेतेे हैं।
इससे पहले मी टूू कैैंपेन को लेकर उनकी एक अंग्रेेजी कविता सोशल मीडिया पर काफी ट्रेंड हुई थी। 2017 में किसानों की आत्महत्या के मार्मिक मुुद्दे पर उन्होंनेे न सिर्फ गीत लिखा बल्कि उसे गाया भी। उनका यह गीत कैलिफोर्निया के सिख लेंज फिल्म फेस्टिवल में रिलीज किया गया था। इतना ही नहीं देेश व समाज के ज्वलंत मुुद्दों को उठाती न्यू इंडिया शीर्षक से अंग्रेेजी किताब भी लिख चुके हैं। 2012 में पीपीएस सिलेक्ट हुुए गुरजोत का साहित्य के प्रति रुझान छात्र जीवन से ही रहा है।