दशहरा ग्राउंड की साइट को नीलाम करने का मामला गर्माया
पंजाबी विरसा सभ्याचार सोसाइटी की मीटिंग में उठा मुद्दा
सरकार के फैसले की निंदा की गई, कहा इससे लोग प्रभावित होंगे
कहा, गमाडा को रेवेन्यू बढ़ाने के लिए किसी अन्य साइट को नीलाम करना चाहिए था
अमर उजाला ब्यूरो
मोहाली। ग्रेटर मोहाली एरिया डेवलपमेंट अथारिटी (गमाडा) द्वारा नीलाम किए गए दशहरा ग्राउंड व फुटबाल ग्राउंड की साइट का मामला गर्मा गया है। इसी मामले को लेकर मंगलवार को पंजाबी विरसा सभ्याचार सोसाइटी के मेंबरों की एक अहम मीटिंग हुई। इसमें गमाडा द्वारा दशहरा ग्राउंड और फुटबाल ग्राउंड की जमीन बेचने के मामले की निंदा की गई।
लोगों ने कहा कि दशहरा ग्राउंड शहर के लिए काफी अहम जगह है। यहां पर कई खेल, सभ्याचारक, सामाजिक व धार्मिक प्रोग्राम व गतिविधियां होती हैं। सभी शहरवासियों की भावनाएं दशहरा ग्राउंड से जुड़ी हैं। दूसरी तरफ फुटबाल ग्राउंड में कई खिलाड़ी प्रेक्टिस करते हैं। वहां कई टूर्नामेंट होते रहते हैं। मेंबरों ने कहा कि गमाडा के पास आर्थिक स्त्रोतों के तौर पर मोहाली इंडस्ट्रियल एरिया में करोड़ों रुपये के जब्त प्लॉट पड़े हैं। उन्हें बेचकर गमाडा दोबारा मोटी रकम कमा सकता है जिससे जहां काफी सारे छोटे यूनिट स्थापित हो जाएंगे। वहीं लोगों को रोजगार के अवसर भी प्राप्त होंगे। मेंबरों का कहना है कि निजी स्वार्थ के लिए गमाडा ने लोगों से बड़ा धक्का किया है।
वहीं, यह नीति आने वाले समय में लोगों पर काफी भारी पड़ेगी। इसके अलावा शहर के अहम मुद्दों पर भी गंभीरता से चर्चा की गई। मीटिंग में सुखदेव सिंह वालिया, पीएस विरदी, हरविंदर सिंह सेनी, कुलदीप सिंह भिंडर, जसराज सिंह, हरजीत सिंह, सुरिंदरजीत सिहं, जगतार सिंह बारिया, जसवंत सिंह सोहल, इंद्र पाल सिंह धनोआ, गुरिंदर कौर, पीपीएस बजाजा, सतनाम सिंह, गुरमीत सिंह सराओ, परविंदर सिंह, कृपाल सिंह लिबड़ा, सुरजीत सिंह के रूप हुई है।