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कर्मी की हत्या के मामले में कर्नल संधू समेत आरोपियों पर आरोप तय

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सीटीयू कर्मी की हत्या मामले में कर्नल संधू समेत चार पर आरोप तय
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खरड़ की अदालत में चल रही है केस की सुनवाई
कर्नल संधू व गुरविंदर सिंह बैंस के वायल सैंपल लेगी पुलिस
पुलिस की तरफ से अदालत में दायर की गई है एप्लीकेशन
अमर उजाला ब्यूरो
मोहाली। नयागांव में हुई सीटीयू कर्मी अभिषेक की हत्या व शव को पिंजौर के जंगलों में फेंकने के मामले में नयागांव थाने की पुलिस ने खरड़ अदालत में आरोपियों के खिलाफ चालान पेश कर दिया है। इसके बाद अदालत ने आरोपियों पर आरोप तय कर दिए हैं। इस मामले में फोरेस्ट हिल रिजार्ट के मालिक रिटायर कर्नल बीएस संधू, गुरविंदर सिंह बैंस, बलविंदर सिंह व तरसेम सिंह के खिलाफ धारा 304ए, 201 व 120 के तहत चार्ज फ्रेम किए गए हैं। दूसरी तरफ इस मामले में पुलिस ने कर्नल बीएस संधू और गुरविंदर सिंह बैंस की आवाज के सैंपल लेने के लिए अर्जी दायर की है। इस पर फैैसला 20 सितंबर को होगा।
यह मामला मार्च 2018 मेें उस समय सामने आया था जब अभिषेक नयागांव में अपने दोस्त के घर गया था और वहां से गायब हो गया था। हरियाणा पुलिस ने उसका शव पिंजौर के जंगलों से बरामद किया था। इसके बाद पता चला था कि फोरेस्ट हिल रिजार्ट के तीन कर्मी शव को वहां फेंक कर गए थे। पुलिस ने तीन कर्मियों पर केस दर्ज उन्हें गिरफ्तार कर लिया था। इन आरोपियों का कहना था कि उन्होंने संधू के कहने पर शव को ठिकाने लगाया था। इसके बाद पुलिस ने कर्नल संधू को समन कर जांच में शामिल होने को बुलाया था। इसके बाद मामले की जांच के लिए स्पेशल टीम गठित (एसआईटी) कर दी गई थी। संधू फिर भी एसआईटी के सामने पेश नहीं हुए। फिर उनकी तरफ से जमानत के लिए अर्जी दायर की गई थी। अदालत ने उनकी जमानत याचिका खारिज कर दी थी। संधू ने जांच को ज्वान कर लिया था। 31 अगस्त को इस मामले में पुलिस की तरफ से चालान पेश किया गया था।
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एक नजर में केस
13 मार्च 2018 को अभिषेक गुलेरिया नयागांव में अपने दोस्त के घर गया था। वहां से वापस चंडीगढ़ अपने घर के लिए निकला था, लेकिन घर नहीं पहुंचा।
25 मार्च को हरियाणा पुलिस ने अभिषेक का शव जंगलों से बरामद किया।
26 मार्च को मोहाली पुलिस ने फोरेस्ट हिल रिजार्ट के तीन मुलाजिमों को अभिषेक की हत्या के आरोप में गिरफ्तार किया था। आरोपियों ने पुलिस को बताया था कि कर्नल संधू के आदेश पर उन्होंने शव को ठिकाने लगाया था।
27 मार्च को पुलिस ने कर्नल संधू को समन कर बुलाया
29 मार्च को पुलिस ने केस में एसआईटी गठित की
31 मार्च को कर्नल संधू के गैर जमानती वारंट जारी हुए
18 अप्रैल को कर्नल संधू की जमानत के लिए एप्लीकेशन खारिज कर दी
16 मई को कर्नल संधू ने जांच ज्वाइन की थी। साथ ही उन पर लगी हत्या की धाराओं को हटा दिया गया था
31 अगस्त को पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ चालान पेश किया
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