जीरकपुर। नगर काउंसिल इंप्लाइज यूनियन के नेताओं ने उच्चाधिकारियों पर राजनीतिक दबाव में काम करने का आरोप लगाया है। आरोप है कि काउंसिल अधिकारी जसवंत सिंह नामक कांट्रेक्ट कर्मी से क्लर्क स्तर की सेवाएं लेकर उसे पक्का करने की कोशिश कर रहे हैं। पिछले 19 साल से ठेका प्रणाली के तहत काम करने वाले कुल 22 कर्मचारी पक्का होने के लिए संघर्ष कर रहे हैं, जिनको अधिकारी नजरअंदाज करके राजनीतिक नेताओं के आगे नंबर बनाने की होड़ में लगे हैं। दूसरी ओर, काउंसिल ईओ ने यूनियन नेताओं के आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया और दावा किया कि उक्त कर्मचारी हमारी काउंसिल रिकार्ड में नौकरी नहीं कर रहा।
इंप्लाइज यूनियन के नेताओं की बैठक अध्यक्ष रविंदरपाल सिंह के नेतृत्व में हुई, जिसमें एटक पंजाब के उपप्रधान विनोद चुघ अपने समर्थकों के साथ उपस्थित हुए। रविंदरपाल ने बताया कि नगर काउंसिल के ईओ ने कांट्रेक्ट पर काम करने वाले जसवंत सिंह नामक कर्मचारी को राजनीतिक दबाव के चलते क्लर्क स्तर की सेवाओं का काम सौंपा है, जो गैरकानूनी है। आरोप है कि वर्ष 2000 से इंप्लाइज यूनियन के कुल 22 सदस्य कांट्रेक्ट लेवल पर काम कर रहे हैं, जिनको उस दौरान पक्का करने का वादा किया था। यूनियन नेताओं ने अधिकारियों को चेतावनी दी कि अगर अधिकारी नेताओं के दबाव के आगे सिफारिशी लोगों को पक्का करवाने की कोशिश करेंगे तो यूनियन नेता इसके खिलाफ संघर्ष का रास्ता अख्तियार करेंगे। अगर उन्हें इसके लिए अदालत का सहारा लेना पड़ा तो इससे भी गुरेज नहीं करेंगे। विनोद चुघ ने कहा कि काउंसिल अधिकारियों द्वारा श्रमिकों के साथ किए जा रहे शोषण को किसी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और आने वाले समय में प्रदेशभर में बड़े स्तर पर आंदोलन किए जाएंगे, जिसकी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी। इस मौके पर सफाई कर्मचारी यूनियन के अध्यक्ष प्रदीप कुमार सूद, महासचिव भरत भूषण, उपप्रधान तरसेम सिंह, वित्त सचिव विनोद कुमार आदि सदस्य उपस्थित थे।
कोट्स ::::
यूनियन नेताओं द्वारा मेरे ऊपर लगाए गए सभी आरोप बेबुनियाद हैं, क्योंकि नगर काउंसिल के सरकारी रिकार्ड में जसवंत सिंह नामक व्यक्ति काम नहीं करता। यदि यूनियन के नेता कोई इसका दस्तावेज पेश करें तो उसके खिलाफ बनती कार्रवाई की जाएगी।
-गिरीश वर्मा, ईओ, नगर काउंसिल जीरकपुर।