नेताओं में क्रेडिट लेने की मची होड़
बलटाना में एक ही ट्यूबवेल का दूसरी बार उद्घाटन
पहले कांग्रेसी नेता दीपइंदर सिंह ढिल्लों ने किया, अब हलका विधायक एनके शर्मा ने
अमर उजाला ब्यूरो
जीरकपुर।
शहर के अंदर पेयजल की समस्या को दूर करने के बजाय नेता अपनी राजनीति चमकाने में जुटे हैं। जनता जहां पेयजल की समस्या से जूझ रही है, वहीं नेता एक ही कार्य का दो बार उद्घाटन करके पैसे की बर्बादी कर रहे हैं।
जिक्रयोग है कि सूबे में कांग्रेस पार्टी की सरकार है और स्थानीय नगर काउंसिल में अकाली-भाजपा काबिज है। वहीं, शहर में होने वाले विकास कार्यों का क्रेडिट लेने के लिए दोनों पार्टियां जुटी हुई हैं।
जानकारी के मुताबिक, एक दिसंबर को प्रदेश कांग्रेस महासचिव दीपइंदर सिंह ढिल्लों ने बलटाना के वार्ड-6 में नए सरकारी ट्यूबवेल का उद्घाटन किया था। इसकी जानकारी मिलने के बाद अकाली-भाजपा के पार्षदों ने मामले की सूचना तुरंत वरिष्ठ पार्टी नेताओं को दी, जिन्होंने उक्त उद्घाटन को गलत करार देकर ट्यूबवेल का दोबारा शुभारंभ करने का एलान कर दिया। नेता तो अपनी राजनीति चमकाकर चले गए, लेकिन स्थानीय लोगों को अब भी पानी की एक बूंद के लिए तरसना पड़ रहा है। रविवार को विधायक एनके शर्मा ने इस ट्यूबवेल का दोबारा उद्घाटन किया।
रविवार को विधायक ने किया ट्यूबवेल का उद्घाटन
नगर काउंसिल की ओर से वार्ड-6 की कालोनियों में पेयजल की समस्या को लेकर स्थानीय निवासी नया ट्यूबवेल लगाने की मांग कर रहे थे। नगर काउंसिल ने सदाशिव एन्क्लेव में नया ट्यूबवेल लगाने के वर्क ऑर्डर जारी कर दिए। रविवार को इस ट्यूबवेल का उद्घाटन हलका विधायक एनके शर्मा ने किया। उन्होंने स्विच दबाकर उद्घाटन की रस्म अदा की। इस मौके पर विधायक ने कहा कि कांग्रेस पार्टी के नेता उनकी पार्टी द्वारा किए गए कार्यों का उद्घाटन करके क्रेडिट लेने की कोशिश कर रहे हैं। शर्मा ने पूछा, ट्यूबवेल का उद्घाटन करके ढिल्लों जनता को यह दिखाना चाहते हैं कि यह उनकी देन है। उन्होंने कहा कि जिस ट्यूबवेल का उद्घाटन रविवार को किया गया, उसको जारी होने वाला बिजली कनेक्शन कांग्रेसी नेता दीपइंदर सिंह ढिल्लों ने नौ महीने तक रुकवाकर रखा। जबकि काउंसिल के प्रयासों के बाद ट्यूबवेल के पेंडिंग कार्यों को तुरंत पूरा कर लिया गया।
घटिया राजनीति कर रहे विधायक एनके शर्मा
प्रदेश कांग्रेस महासचिव दीपइंदर सिंह ढिल्लों ने कहा कि हलका विधायक एनके शर्मा घटिया राजनीति पर उतर आए हैं। उन्होंने कहा कि पिछले दस वर्षों के अंदर तो उन्हें बलटाना वासियों की पेयजल समस्या नजर नहीं आई। उन्होंने आगे कहा कि आज जब वह लंबे समय से रूके हुए कार्यों का पूरा करवाकर उद्घाटन कर रहे हैं तो उन्हें बुरा लग रहा है। पिछले दस वर्षों के दौरान उनकी सरकार सूबे में थी, तब उन्हें पेयजल की समस्या क्यों याद नहीं आई।