कुराली मंडी से अधिक कीमत में राजपुरा में बिक रही बासमती
उचित कीमत न मिलने से किसान परेशान, कुराली मंडी से धान उठाकर ले जा रहे राजपुरा
राजपुरा अनाज मंडी में बासमती की कीमत 3300 रुपये प्रति क्विंटल
अमर उजाला ब्यूरो
कुराली।
शहर की अनाज मंडी में बासमती धान बेचने आने वाले किसानों को फसल की उचित कीमत न मिलने से उन्हें आर्थिक नुकसान झेलना पड रहा है। बासमती का सरकारी मूल्य निर्धारित न होने के कारण व्यापारियों की मनमानी से किसानों में रोष है। किसानों ने इस संबंध में सरकार से ठोस कदम उठाने और किसानों को लूट से बचाने की मांग की है।
बासमती की 1121 किस्म लेकर आए किसानों पलविंद्र सिंह, लाभ सिंह, जगदीश सिंह समेत अन्य ने बताया कि वह कुराली की अनाज मंडी में बेचने आए थे। उन्होंने बताया कि सुबह में लाए गए धान को ट्रालियों से उतार कर धूप लगवा दी। पंखा लगवाने के बाद सफाई भी करवा दी। किसानों ने बताया कि जब शाम में व्यापारी बासमती किस्म बोली लगाने के लिए आए तो उन्होंने धान का मूल्य केवल 2300 रुपये लगाया। किसानों ने बताया कि राजपुरा सहित अन्य मंडियों में धान की यह फसल 3500 से लेकर 3800 रुपये प्रति क्विंटल बिक रही है। उन्होंने कहा कि कुराली की अनाज मंडी में बासमती का इतना कम मूल्य मिलने का मुख्य कारण बाहरी व्यापारियों को न आने देना है। किसानों ने कहा कि पंजाब का किसान पहले ही आर्थिक तंगी से जूझ रहा है। दूसरी तरफ उसकी फसल खरीद के समय ऐसा व्यवहार किया जा रहा है, जो सहन करने योग्य नहीं।
किसान पलविंदर और अन्य ने बताया कि धान की कम कीमत लगाने के कारण वह फसल को दोबारा ट्राली में भरकर राजपुरा अनाज मंडी ले गए। किसानों ने बताया कि जिस फसल का मूल्य कुराली मंडी में 2300 रुपये प्रति क्विंटल व्यापारी द्वारा लगाया गया, उसका मूल्य राजपुरा की मंडी में 3300 रुपये लगा। किसानों ने बताया कि कुराली की मंडी में फसल उतारने और दोबारा ट्राली में भरने का खर्चा भी सहन करने के अलावा परेशान होना पड़ा। किसानो ने बताया कि इसके बावजूद उनको फायदा हुआ है क्योंकि एक हजार रुपये प्रति क्विंटल भाव राजपुरा की मंडी में ज्यादा मिला। किसानों ने कुराली की अनाज मंडी में प्राइवेट व्यापारियों द्वारा की जा रही लूट की निंदा करते हुए जांच और कार्रवाई की मांग की है। मार्केट कमेटी के सचिव मलकीत सिंह ने कहा कि बासमती किस्म की सरकारी मूल्य तय नही है और न ही यह किस्म सरकारी तौर पर खरीदी जाती है। यह फसल प्राइवेट व्यापारियों द्वारा सीधे खरीदी जाती है। इस कारण यह समस्या पेश आ रही है। उन्होंने माना कि राजपुरा की मंडी में व्यापारियों की तादाद ज्यादा होने कारण मूल्य अधिक मिलता है।
फोटो कैपशन : कुराली की अनाज मंडी में धान का उचित मूल्य न मिलने पर दोबारा ट्रॉली में भरते किसान।