मोहाली। हॉस्टल में रह रहे विद्यार्थियों सहित स्टाफ के 17 लोगों के कोरोना संक्रमित पाए जाने से हड़कंप मच गया। विद्यार्थियों ने बुखार और अन्य लक्षणों से पीड़ित होने पर जिला प्रशासन से संपर्क किया था। डीसी ने कैरियर प्वाइंट गुरुकुल के प्रबंधकों को गैर जिम्मेदाराना रवैये के लिए फटकार लगाई है।
शिक्षण संस्थान बंद होने के बावजूद बनूड़ रोड पर गांव टंगोरी स्थित कैरियर प्वाइंट गुरुकुल के हॉस्टल में विद्यार्थी रह रहे थे। इनमें से कुछ विद्यार्थी पिछले कुछ दिनों से बुखार और कोरोना के अन्य लक्षणों से पीड़ित थे। संस्थान के प्रबंधकों ने इसे नजरंदाज करते हुए जांच करवाने का प्रयास नहीं किया। विद्यार्थियों ने खुद ही जिला प्रशासन से संपर्क कर स्थिति से अवगत करवाया। इसके बाद प्रशासन द्वारा कोरोना जांच के लिए मेडिकल टीम को भेजा गया। मेडिकल टीम ने सोमवार देर शाम तक संस्थान के स्टाफ और हॉस्टल में रह रहे विद्यार्थियों सहित 100 लोगों के नमूनों की जांच की। इनमें से 17 लोगों को संक्रमित पाया गया। इन सभी को घडुआं स्थित कोविड केयर सेंटर में एकांतवास के लिए भेज दिया गया है। हॉस्टल में रह रहे जिन विद्यार्थियों की कोरोना जांच रिपोर्ट निगेटिव आई, उन्हें घर वापस भेजा जा रहा है।
डीसी गिरीश दियालन ने इसे गंभीर मामला मानते हुए संस्थान के प्रबंधकों को फटकार लगाई है। डीसी ने कहा कि स्कूल प्रबंधकों का यह रवैया गैरजिम्मेदाराना है। प्रबंधकों को विद्यार्थियों में लक्षणों का शक होते ही जिला प्रशासन के साथ संपर्क करना चाहिए था। डीसी ने कहा कि कोरोना लक्षणों को नजरंदाज नहीं किया जाना चाहिए। तुरंत जांच करवा कर उपचार शुरू किया जाना चाहिए ताकि संक्रमण के बढ़ते मामलों को रोका जा सके।