गांव की दूध उत्पादक सोसायटियों का रिकॉर्ड ऑनलाइन करने का कर रहे थे विरोध
दूध की फैट की गई है तय, जो मानकों पर दूध नहीं उतरेगा उसे नहीं खरीदेगा वेरका
अगर वेरका मैनेजमेंट ने लोगों की मांग नहीं मानी तो दिन रात का संघर्ष किया जाएगा
अमर उजाला ब्यूरो
मोहाली। वेरका मिल्क प्लांट की तरफ से गांवों की दूध उत्पादक सोसायटियों का सारा कारोबार आनलाइन करने का विरोध शुरू हो गया है। वीरवार को नौजवान सभा और पंजाब राज्य दूध उत्पादक यूनियन की तरफ से प्लांट का वीरवार को घेराव किया गया। धरने को संबोधित करते हुए सभा के नेता जगमनदीप सिंह और जसविन्दर सिंह ने कहा कि वेरका मिल्क प्लांट मोहाली की ओर से गांवों की दूध उत्पादक सोसायटियों का सारा कारोबार आनलाइन किया जा रहा है। जिस के तहत दूध उत्पादकों के लिए अनावश्यक शर्तों रखी गई हैं कि गाय के दूध की फैट 3.3 से ले कर 4.5 तक होनी चाहिए। इसी तरह भैंस के दूध की फैट 5.5 से ले कर 10.0 तक होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि वेरका मिल्क प्लांट की तरफ से यह हिदायतें दी जा रही हैं कि जो दूध उक्त मापदंड के अनुसार नहीं आएगा वह नहीं लिया जाएगा। धरने के दौरान यूनियन नेताओं ने कहा कि अगर यह मापदंड जबरदस्ती लागू किया गया तो मोहाली इलाके के 70 प्रतिशत दूध उत्पादकों का दूध इस मापदंड अधीन नहीं आएगा। पंजाब के लोगों ने वेरका प्लांट के प्रबंधकों के कहने पर एचएफ नसल की गायें खरीदी हुई है। इसलिए इनका दूध ज्यादा होने के कारण इसमें फैट कम है। इसलिए उनकी मांग है कि मिल्क प्लांट की ओर से दूध उत्पादकों का आनलाइन कारोबार बंद किया जाए और दूध की फैट संबंधी नया मापदंड न अपनाया जाए। उन्होंने चेतावनी दी है कि अगर उन की माँगों न मानें गई तो आने वाले दिनों में वेरका मिल्क प्लांट के आगे दिन रात का धरना लगाया जाएगा।