जब कैंसर का पता उस दिन टेंशन के बजाय पति संग मूवी देखने गई
बॉलीवुड एक्टर आयुष्मान खुराना की पत्नी ताहिरा कश्यप पहुंची मोहाली
पति ने जंग से लड़ने में दिया पूरा सहयोग, कीमोथैरेपी के दौर से गुजर रही हैं
अमर उजाला ब्यूरो
मोहाली। बॉलीवुड एक्टर आयुष्मान खुराना की पत्नी ताहिरा कश्यप ब्रेस्ट कैंसर से जंग लड़ रही हैं। उन्हें ब्रेस्ट कैंसर का जीरो स्टेज डिटेक्ट हुआ है। उन्होंने इस जंग में जो नए अनुभव सीखे हैं वे उन्होंने शुक्रवार को फोर्टिस अस्पताल मोहाली में रोटरी चंडीगढ़ शिवालिक (आरसीएस) द्वारा आयोजित एक समारोह में व्यक्त किए।
ताहिरा ने बताया कि मुझे राइट ब्रेस्ट में हाई ग्रेड मेलीगनेंट सेल्स के साथ डीसीआईएस (सीटू में डक्टल कार्सिनोमा) होने का पता चला था। सीधे शब्दों में कहें कि वह स्टेज जीरो कैंसर/प्री-कैंसर्स स्टेज है। इसमें एक निहित क्षेत्र में कैंसर कोशिकाएं तेजी से बढ़ती हैं। जब इस परिस्थिति की पुष्टि हुई तो मेरे पति और मैंने इसका उपचार करने के साथ ही एक खुशहाल जीवन जीने का फैसला किया। घर जाने और इसके बारे में चिंता करने के बजाय हम उस शाम को एक फिल्म देखने गए और फिर ऑपरेशन की तारीख मिल गई। मैंने एक मास्टक्टोमी करवाई और वर्तमान में एक सुरक्षात्मक उपाय के रूप में कीमोथैरेपी से गुजर रही हूं। वे तीन कीमोथैरेपी का सामना कर चुकी हैं। इस बाधा ने जीवन की एक नई परिभाषा दी है। अपने जीवन के इस नाटकीय घटनाक्रम के नायक बनने के लिए विश्वास और साहस रखें। नियमित चिकित्सा देखभाल और सकारात्मक बने रहने से आप किसी भी बीमारी से उबर सकते हैं।
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सभी उम्र की महिलाएं बने जागरूक
ताहिरा कश्यप ने कहा कि मैं चाहती हूं कि सभी उम्र की महिलाएं जागरूक हों। मैं 35 वर्ष की हूं, और मैंने दो बार मैमोग्राम भी करवाया था। अगर कोई लक्षण आ जाता है तो इसे एक सुरक्षात्मक ताकत के रूप में सोचें और स्वयं की जांच करें।
वहीं, डॉ. अतुल जोशी ने कहा कि ब्रेस्ट कैंसर महिलाओं में सबसे आम कैंसर में से एक बन गया है। दुर्भाग्यवश महिलाएं देर से इलाज शुरू करती हैं क्योंकि उन्हें इसका पता भी देरी से ही चलता है। इसे जल्द पहचानने के लिए अधिक जोर लगाया जाना चाहिए ताकि न सिर्फ इसका इलाज शुरू हो सके बल्कि इस रोग से मुक्ति प्राप्त की जा सके।
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ताहिरा को किया सम्मानित
रोटरी चंडीगढ़ शिवालिक (आरसीएस) ने ताहिरा को अपने साहस और सकारात्मक दृष्टिकोण के लिए सम्मानित किया। आरसीएस के डॉ. तरलोचन सिंह नंदा जो खुद भी एक कैंसर सरवाइवर हैं ने उन्हें विशेष आरसीएस मोमेंटे भेंट किया। इससे पहले आरसीएस के सचिव मीनाक्षी गुप्ता ने बताया कि कैसे रोटरी चंडीगढ़ शिवालिक समुदाय को नि:स्वार्थ सेवा प्रदान करने के अपने उद्देश्य को प्राप्त करने के लिए कार्य कर रहा है।