सैलर मालिक व फूड कारपोरेशन ऑफ इंडिया आमने-सामने
एफसीआई पर धान के बदले चावल लेने में शर्ते लगाकर आनाकानी करने का आरोप लगाया
अमर उजाला ब्यूरो
कुराली।
धान से बने चावल लेने को लेकर शहर के सैलर मालिकों और फूड कार्पोरेशन ऑफ इंडिया (एफसीआई) आमने-सामने आ गए हैं। सैलर मालिकों ने एफसीआई पर धान के बदले चावल लेने में शर्तें लगाकर आनाकानी और परेशान करने का आरोप लगाया है। जबकि एफसीआई के अधिकारियों ने इन आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया।
बडाली रोड स्थित एफसीआई के गोदामों के आगे उस समय हंगामा हो गया, जब सैलरों से चावल लेकर आए ट्रकों की लाइन लग गई। इस दौरान एफसीआई के अधिकारियों ने गेट बंद कर दिया और चावल लेने से मना कर दिया। इस दौरान ट्रक चालकों ने बताया कि वह सुबह से ही एफसीआई के गोदामों के आगे भरे ट्रक लेकर खडे़ हैं। उन्होंने कहा कि एफसीआई द्वारा गेट नहीं खोला जा रहा, इस कारण उन्हें परेशानी हो रही है। ट्रक चालकों ने बताया कि एफसीआई के अधिकारियों ने गोदामों के गेट पर तीन बजे तक चावल लेने का समय निर्धारित कर दिया है। यह समय बहुत कम है। सैलर मालिकों ने बताया कि स्थानीय अनाज मंडी के साथ जुडे़ 9 सैलरों द्वारा एफसीआई की स्थानीय शाखा को चावल दिए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि एफसीआई द्वारा चावल लेने के लिए परेशान किया जा रहा है और आज भी चावल लेने अचानक बंद कर दिए। उन्होंने कहा कि शोर मचाने के बाद कुछ समय तक गाड़िया उतरवाई। कुछ देर बाद अन्य चावल को उतरवाने से इंकार कर दिया।
इस संबंध में एफसीआई के मैनेजर राकेश कुमार और एजी प्रीतम सिंह ने सभी आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि उनके द्वारा हिदायतों के अनुसार ही चावल लिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि शाखा में चार के बजाय केवल दो ही तकनीकी सहायक हैं। उन्होंने कहा कि चावल ट्रकों से उतरवा कर इसकी गुणवत्ता की जांच करने के बाद ही गोदामों में लगवाना होता है। जिस कारण ज्यादा चावल उतरवाना संभव नहीं है।
फोटो कैपशन : कुराली के एफसीआई दफतर के आगे रोष प्रगट करते हुए ट्रक चालक।