लांडरां/बनूड़। घग्गर नदी के पानी से इंजनों के माध्यम से अपने खेतों की सिंचाई करने वाले पांच दर्जन गांवों के किसान मुसीबत में आ गए हैं। किसानों का आरोप है कि बनूड़ शहर में पानी की सप्लाई देने के लिए छतबीड़ जू के पास बनाए गए डैम से पानी नहीं छोड़ा जा रहा। ऐसे में उनके इंजन चल नहीं पा रहे और फसल सूख गई है। शनिवार को डैम पर किसान विभाग के खिलाफ एकजुट हो गए और सिंचाई विभाग के खिलाफ नारेबाजी की।
किसानों ने आरोप लगाया कि पानी रोकने से उनकी धान की फसल खराब होना शुरू हो गई है। नंबरदार जसपाल सिंह बासमा, पाल सिंह सरपंच बासमा कालोनी, तरसेम सिंह सरपंच बासमा, भूपिंदर सिंह भिंदा गदापुर, नंबरदार जसवंत सिंह की अगुवाई में एकत्रित किसानों ने सिंचाई विभाग के उच्च अधिकारियों और पंजाब सरकार से 3 मार्च 2016 को हुए समझौते को लागू करने की मांग की। किसानों ने समझौते की कापियां दिखाते हुए कहा कि सिंचाई विभाग के तत्कालीन सचिव के अलावा अन्य उच्च अधिकारियों ने घग्गर में इंजन लगाकर पानी उठाने के लिए किसानों के साथ लिखित समझौता किया था। उन्होंने कहा कि समझौते के तहत हर महीने की पहली से दस तारीख तक बनूड़ नहर में पानी छोड़ा जाना था, लेकिन विभाग ने 23 तारीख से ही डैम में पानी रोकना शुरू कर दिया है। इससे किसानों की धान की फसल सुखना शुरू हो गई है। उन्होंने कहा कि बनूड़ नहर में पानी छोड़ने वाले दिनों के दौरान भी घग्गर में सौ क्यूसिक पानी छोड़ा जाना है, परंतु पानी की बूंद भी नहीं छोड़ी जा रही। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर समझौते को उसी तरह लागू न किया और पहली से दस तारीख तक सौ क्युसिक और दस तारीख से महीने की आखिरी तारीख तक सारा पानी घग्गर में न छोड़ा तो वह बड़े संघर्ष से गुरेज नहीं करेंगे।
जिक्रयोग है कि पहली जुलाई से सांसद परनीत कौर और राजपुरा हलके के विधायक हरदियाल सिंह कंबोज ने बनूड़ नहर में पानी छोड़े जाना का उद्घाटन करना है। सिंचाई विभाग के एक्सईएन चंद्र मोहन शर्मा ने इसकी पुष्टि की है। नहर के उद्घाटन समारोह के मौके पर इंजनों द्वारा पानी उठाने वाले किसानों ने भी रोष प्रदर्शन करने का एलान किया है।