जीरकपुर। नगर काउंसिल दफ्तर में शुक्रवार को विजिलेंस की टीम ने दबिश दी। करीब सात घंटे तक टीम फाइलें खंगालती रही। टीम ने ईओ और एटीपी से पूछताछ की और इसके बाद रिकार्ड से जुड़ी दो दर्जन से अधिक फाइलें कब्जे में लेकर टीम लौट गई। गौरतलब है कि लंबे समय से राजनीति से जुड़े स्थानीय नेता नगर काउंसिल के अधिकारियों पर अवैध कालोनी, निर्माण एवं अन्य कार्यों को लेकर भ्रष्टाचार में लिप्त होने के आरोप लगते रहे हैं।
स्टेट विजिलेंस के आईजी आशीष कपूर के नेतृत्व में करीब तीन दर्जन से अधिक अधिकारियों की टीम शुक्रवार सुबह करीब सवा 11 बजे नगर काउंसिल दफ्तर पहुंची। अंदर दाखिल होते ही पहली मंजिल पर स्थित ईओ दफ्तर का दरवाजा बंद कर दिया और बाहर पुलिस तैनात कर दी गई। सूत्रों की मानें तो विजिलेंस के 7-8 अधिकारी ईओ रूम के अंदर मौजूद रहे, जिन्होंने ईओ गिरीश वर्मा से कई सवाल पूछे। टीम ने इस दौरान दफ्तर के बाहर तैनात सेवादार नवल का मोबाइल फोन कब्जे में ले लिया। साथ ही आदेश दिए कि जब तक उनकी कार्रवाई पूरी नहीं होती, तब तक किसी को ईओ रूम में दाखिल नहीं होने दिया जाए।
अवैध कालोनी और निर्माण को लेकर खंगाली फाइलें
सूत्रों के अनुसार विजिलेंस अधिकारियों ने ईओ रूम में बिल्डिंग ब्रांच से जुड़े सभी कार्यों के रिकार्ड की फाइलें मंगवा लीं, जिनकी बारीकी से जांच की। इस दौरान टीम ने ईओ गिरीश वर्मा और असिस्टेंट टाउन एंड कंट्री प्लानर राजेश जिंदल व अन्य अधिकारियों से अलग-अलग पूछताछ की और उनके द्वारा दिए गए जवाबों को कलमबद्ध किया।
तहसीलदार-पटवारी से करवाई जमीनी रिकार्ड की जांच
शुरुआती जांच में ऐसा प्रतीत हुआ कि नगर काउंसिल अधिकारियों से होने वाली पूछताछ केवल रूटीन जांच का हिस्सा हैं, परंतु 2 से 3 घंटे की कार्रवाई के बाद विजिलेंस टीम ने जीरकपुर सब-तहसील के तहसीलदार परमजीत सिंह और जमीनी रिकार्ड की जांच मामलों से जुड़े संबंधित पटवारी को बुलवाकर जांच में शामिल किया। करीब 2 से 3 घंटों तक विजिलेंस टीम ने तहसीलदार और पटवारी की मदद ली और अपनी जांच पूरी होने के बाद तहसीलदार और पटवारी को वापस भेज दिया।
अधिकारियों की फूली सांसें
विजिलेंस टीम की दबिश की सूचना के बाद काउंसिल के अंदर मौजूद अन्य अधिकारी चुपचाप अपनी सीटों पर बैठकर काम करते नजर आए। मीडिया कर्मियों ने जब उनसे विजिलेंस टीम की जांच संबंधी सवाल किया तो उन्होंने कोई जवाब नहीं दिया, जबकि कुछ अधिकारियों ने इसको रूटीच जांच कहकर टाल दिया।
कोट्स :::::
मैं इस संबंधी कोई जानकारी नहीं दे सकता, इसकी ज्यादा जानकारी सीनियर अधिकारियों से मिलेगी।
-आशीष कपूर, आईजी, विजिलेंस टीम, पंजाब।
कोट्स :::
स्टेट के अलावा डिपार्टमेंट विजिलेंस से जुड़े अधिकारी किसी रिकार्ड से जुड़ी जानकारी लेने आए थे, जो उन्हें मुहैया करवा दी गई है।
-गिरीश वर्मा, ईओ, जीरकपुर नगर काउंसिल।