मोहाली। सेक्टर-70 के नेबरहुड पार्क में लाइब्रेरी खोलने का मामला सोमवार को उस समय गरमा गया, जब नगर निगम की तरफ से लाइब्रेरी खोलने के दिए गए भरोसे के बाद किताबें दान करने पहुंचे लोगों को वहां से भगाने की कोशिश की गई। इतना ही नहीं मौके पर पुलिस तक भेजी गई। वहीं, इसके बाद लोगों ने नगर निगम व प्रशासन को चेतावनी दी कि एक हफ्ते में यदि लाइब्रेरी नहीं खोली गई तो वे संघर्ष की राह पर आ जाएंगे। इसके बाद शहर के अन्य हिस्सों में भी बनी लाइब्रेरियां खुलवाने के लिए संघर्ष किया जाएगा।
एक सप्ताह पहले सेक्टर-70 के पार्षद सुखदेव सिंह पटवारी की अगुवाई में अलग-अलग एसोसिएशनों के नुमाइंदों का एक दल निगम कमिश्नर भूपिंदरपाल सिंह से मिला था। दल ने सेक्टर-70 में ढाई साल पहले बनी लाइब्रेरी को खोलने की विनती कमिश्नर से की थी। लोगों का कहना था कि पूर्व सांसद प्रो. प्रेम सिंह चंदूमाजरा ने एमपी लैंड फंड से 25-25 लाख रुपये की लागत से छह लाइब्रेरियां स्थापित की थीं, लेकिन अभी तक यह नहीं चल पाईं। दूसरा लाइब्रेरियों में रखे सामान को भी नुकसान पहुंच रहा है। लोगों ने बताया कि लाइब्रेरियों के लिए स्टाफ भी रखा जा चुका है, लेकिन उस समय अधिकारियों का जवाब था कि किताबों के टेंडर में देरी हो रही है। इस दौरान लोगों ने किताबें दान देने व अखबार व मैगजीन लगवाने की बात कही थी। इस पर नगर निगम के कमिश्नर की तरफ से सचिव रजीव कुमार, एसडीओ सुखविंदर सिंह को लाइब्रेरी की रिपोर्ट देने के लिए कहा है। सचिव की रिपोर्ट के बाद कमिश्नर ने दस जून को लाइब्रेरी खोलने का वादा किया था। पार्षद सुखदेव पटवारी ने बताया कि शनिवार को फोन पर कमिश्नर ने भरोसा दिलाया था कि सोमवार को हर हाल में लाइब्रेरी खोल दी जाएगी, लेकिन सोमवार को जब लोग लाइब्रेरी के बाहर पहुंचे तो नगर निगम से आई टीम ने कहा कि वह लाइब्रेरी खोलने के लिए नहीं आए हैं, बल्कि अधिकारियों ने इसलिए उन्हें भेजा है कि किताबें दान करने आए लोग ताला तोड़कर लाइब्रेरी के अंदर घुस गए हैं। इसके बाद पुलिस मुलाजिम पहुंच गए। उनकी भी यही दलील थी। इस मौके पर इकट्ठे हुए लोगों का कहना था कि कमिश्नर पर दवाब था कि किसी मंत्री से इसका उद्घाटन करवाया जाए। लोगों ने इसकी निंदा की। इस मौके पर आरपी कंबोज, आरके गुप्ता, जेपी सिंह, दर्शन सिंह, सुखदेव सिंह, दलबीर सिंह, महादेव सिंह एडवोकेट, रजिंदर गोयल, विपनजीत सिंह, इंजीनियर लखविंदर सिंह, नरिंदर कौर, नीलम चोपड़ा, सुखविंदर कौर, गुरनाम सिंह, शीतल सिंह, वीर सिंह ठाकुर समेत कई लोग हाजिर थे।