कुराली। शहर में करोड़ों रुपये की लागत से डाली गई सीवरेज पाइपलाइन शहर वासियों के लिए परेशानी का सबब बनी हुई है। गमाडा इस प्रोजेक्ट को अपने सिर से उतारकर नगर काउंसिल को सौंपने के लिए हाथ पैर मार रही है, लेकिन काउंसिल ने इस प्रोजेक्ट को लेने से साफ इंकार कर दिया है।
काउंसिल दफ्तर में हुई मीटिंग में सीवरेज प्रोजेक्ट को लेकर वीरवार को पंजाब सीवरेज बोर्ड के एसई एसएस ढीडसा, एक्सईएन राहुल कौशल, गमाडा के एसई दविंद्र सिंह, एक्सईएन वरुण गर्ग, नगर काउंसिल के कार्यसाधक अफसर गुरदीप सिंह सहित काउंसिल प्रधान कृष्णा देवी धीमान व पार्षदों ने भाग लिया। गमाडा अधिकारी सीवरेज प्रोजेक्ट का काम पूरा होने का दावा करते हुए काउंसिल को यह प्रोजेक्ट लेने के लिए दबाव डालने लगे। इसी दौरान प्रधान और पार्षदों ने प्रोजेक्ट में आ रही कमियों को उठाते हुए इसे टेकओवर करने से मना कर दिया। पार्षद बहादुर सिंह ओके ने कहा कि गमाडा ने चंडीगढ रोड राष्ट्रीय मार्ग पर सीवरेज की पाइपलाइन डालते के लिए शहर का निकासी नाला तोड़ दिया। उसकी जगह पर डाली गई पाइपलाइन का लेवल और आकार सही न होने कारण चंडीगढ़ रोड का निकासी प्रबंध ठप होने से शहर वासियों के लिए भारी समस्या बनी हुई है।
बहादुर सिंह ने कहा कि मामला गमाडा के समक्ष उठाने पर भी कोई कार्रवाई नहीं की गई। पार्षद भानू प्रताप, बलविन्द्र सिंह पडियाला, शिव वर्मा और विनीत कालिया ने प्रोजैक्ट की कमियों के बारे में जानकारी दी। काउंसिल ने इस हालात में प्रोजेक्ट टेकओवर करने से इंकार करते हुए कमियों संबंधी जांच कर जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की।
गमाडा की कोई जिम्मेदारी नहीं
गमाडा के एसई दविंद्र सिंह ने कहा कि इसमें गमाडा की कोई जिम्मेदारी नहीं है। उन्होंने जितना पैसा इसमें लगाना था, उतना पैसा लगाया गया है। इसमें कोई हेराफेरी नहीं हुई। उन्होंने ठप पड़ी सीवरेज को साफ करके चालू हालत में लाने से इंकार करते हुए कहा कि उनके पास ऐसा कोई प्रबंध नहीं है।