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जीरकपुर : बदले की भावना से काम कर रही है कांग्रेस, ये तो पार्ट ऑफ बिजनेस है : एनके शर्मा

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बदले की भावना से काम कर रही कांग्रेस : एनके शर्मा
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ढिल्लों का पलटवार : ये तो ऑन रिकार्ड हैं, इसमें क्या राजनीति होगी
अमर उजाला ब्यूरो
जीरकपुर।
कांग्रेस पार्टी मेरे खिलाफ बदले की भावना से काम कर रही है, जबकि ये तो पार्ट ऑफ बिजनेस है। बिजनेस में ‘अप एंड डाउन’ चलता ही रहता है। पूरे सूबे में और भी बिल्डर हैं, उन्हें ऐसा नोटिस क्यों जारी नहीं किया गया। ये सब कांग्रेस की चाल है। यह बयान विधानसभा हलका डेराबस्सी से विधायक एवं बिल्डर एनके शर्मा ने जारी किया है। दूसरी ओर, कांग्रेस पार्टी का बचाव करते हुए प्रदेश महासचिव दीपइंदर सिंह ढिल्लों ने कहा कि ‘यह कोई बदले की भावना नहीं, बल्कि ये तो ऑन रिकार्ड है। ढिल्लों ने कहा कि हलका विधायक एनके शर्मा डीसी द्वारा जारी नोटिस की कार्रवाई को जिस तरह से राजनीतिक से प्रेरित बता रहे हैं, दरअसल ये सरकारी कार्रवाई है।
मंगलवार को डीसी मोहाली गुरप्रीत कौर द्वारा एक प्रेस बयान जारी कर जीरकपुर नगर काउंसिल के अधिकारियों को निर्देश देकर अधिकृत और अनाधिकृत कालोनियों की बकाया फीस जमा करवाने के आदेश दिए गए हैं, जिसमें बिल्डर एनके शर्मा द्वारा तैयार की गई सावित्री ग्रीन-1 व 2 का नाम शामिल है।
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डीसी मोहाली गुरप्रीत सपरा ने नगर काउंसिल जीरकपुर के अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि जीरकपुर में अधिकृत और अनाधिकृत कालोनियां द्वारा बकाया राशि वसूल की जाए। उन्होंने कहा कि अनाधिकृत कालोनियों के कारण जहां सरकार को वित्तीय नुकसान हो रहा है, वहीं आम लोगों को धोखे में रखकर लूट की जा रही है।
डीसी ने बताया कि अधिकृत और अनाधिकृत कालोनियों बकाया रकम जो बकाया है, जिसकी कुल राशि 21 करोड़ बनती है। इस राशि को शहर के विकास कार्यों पर खर्च किया जा सकता है। उन्होंने बताया कि जीरकपुर में 40 कालोनियां अधिकृत हैं और 59 कालोनियां अनाधिकृत हैं। डीसी ने बताया कि नगर काउंसिल जीरकपुर के अधीन प्रोजेक्ट सावित्री ग्रीन-1 पास किया गया था, जिसकी फीस और लेबर सेस की कुल रकम 7,50,73,504/- रुपये में से 3,49,50,727/- वसूल किए गए हैं और 4,01,22,777 रुपये बकाया है। इसी तरह, गाजीपुर रोड पर स्थित सावित्री ग्रीन्स-2 प्रोजेक्ट को पास किया गया है, जिसकी फीस और लेबर सेस की कुल रकम 6,85,47,568/ रुपये बनती थी, जिसमें से 2,32,00,000/ रुपये वसूल किए गए हैं और 4,53,47,568/ रुपये अभी बकाया है। इसके अलावा अधिकृत कालोनियों द्वारा भी कंपलीशन सर्टिफिकेट जारी नहीं किए गए, जिस पर कार्रवाई करने के लिए अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए हैं।
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डीसी ने बताया कि नगर काउंसिल अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि काउंसिल के बकाया फंड को सरकार की हिदायतों के अनुसार सरकारी बैंकों में बचत खातों में रखा जाए। इसके अलावा वाटर-सप्लाई और सीवरेज, हाउस टैक्स और प्रापर्टी टैक्स की बकाया राशि की वसूल जल्द से जल्द करने के निर्देश दिए हैं।
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