मोहाली। टीचर्स की कमी से जूझ रहे राज्य के 11 आदर्श स्कूलों के प्रिंसिपलों ने पंजाब स्कूल शिक्षा बोर्ड के चेयरमैन से इस समस्या का हल करने की मांग की है। साथ ही आदर्श स्कूलों को आर्थिक स्तर पर मजबूत करने की जरूरत पर भी जोर दिया। प्रिंसिपलों ने इन समस्याओं को बोर्ड मैनेजमेंट के साथ हुई आदर्श स्कूलों की बैठक में रखा। मैट्रिक व सीनियर सेकेंडरी के नतीजे घोषित होने के बाद हुई इस सालाना समीक्षा बैठक में रिजल्ट को सुधारने और राज्य के 11 आदर्श स्कूलों को मॉडल इंस्टिट्यूट के तौर पर स्थापित करने को लेकर चर्चा हुई।
पिछले 4 दशकों से राज्य के 6 जिलों श्री मुक्तसर साहिब, मोगा, फिरोजपुर, बठिंडा, अमृतसर व मोहाली में 11 आदर्श स्कूलों का संचालन किया जा रहा है। इन स्कूलों को राज्य की सरकारी शिक्षा के मॉडल इंस्टिट्यूट के तौर पर स्थापित किया गया था, लेकिन टीचर्स की कमी और आर्थिक तौर पर कमजोर होने के कारण ये स्कूल उस स्तर के नतीजे नहीं दे पा रहे, जिनकी इनसे उम्मीद है। पीएसईबी के चेयरमैन मनोहर कांत कलोहिया की अगुवाई में हुई बैठक में वाइस चेयरमैन प्रो. बलदेव सचदेवा, बोर्ड सचिव व डीजीएसई मोहम्मद तैय्यब, डायरेक्टर अकादमिक मनजीत कौर व ज्वाइंट सेक्रेटरी जनक राज महरोक सहित सभी विभागों के अधिकारियों व नुमाइंदों ने हिस्सा लिया। इसी के साथ ही राज्य के सभी 11 आदर्श स्कूलों के प्रिंसिपल भी मौजूद रहे।
बैठक में बोर्ड चेयरमैन कलोहिया ने इस बार के नतीजों पर संतोष जाहिर करते हुए 100 फीसदी का लक्ष्य निर्धारित करने पर जोर दिया। प्रिंसिपलों से मुखातिब होते हुए उन्होंने कहा कि इन स्कूलों को इस ढंग से चलाया जाए, ताकि वो अपने नाम व उद्देश्य के अनुसार राज्य के मॉडल इंस्टिट्यूट बन सकें। कलोहिया ने कहा कि स्कूलों में अकादमिक गतिविधियों के साथ ही सह-अकादमिक गतिविधियों पर जोर दिए जाने की जरूरत है। चेयरमैन ने आदर्श सीनियर सेकेंडरी स्कूल कोट भाई के मैट्रिक स्टूडेंट बाजकरन सिंह के मेरिट में दसवां स्थान हासिल करने पर प्रिंसिपल की बधाई भी दी। बोर्ड चेयरमैन ने टीचर्स की कमी सहित अन्य समस्याओं के जल्द सार्थक हल का भरोसा दिया।