देखिये बदहाली.. नगर निगम ने पार्कों की हालत क्या कर डाली
फेज-3बी2 के पार्क में लगे गंदगी के ढेर, डिप्टी मेयर से गुहार लगाने के बाद भी नहीं हुई सफाई
टूटे झूले और सड़कों पर फैल रही गंदगी
शहर के पार्कों में अब भी लगे हैं गमाडा के सूचना बोर्ड
अमर उजाला ब्यूरो
मोहाली।
पार्कों के देखभाल की जिम्मेदारी गमाडा से लेकर नगर निगम को दे दी गई है। गमाडा की ओर से पार्कों के रखरखाव के लिए पांच करोड़ रुपये की किश्त भी जारी कर दी गई है। इसके बावजूद शहर के पार्कों की हालत खस्ता है। पार्कों में अब भी टूटे झूलों के साथ-साथ सफाई की समस्या है। इस कारण लोगों में रोष है। पार्कों में सैर करने और खेलने के लिए आने वाले बच्चों को परेशानी उठानी पड़ रही है। पार्कों की गंदगी अब आसपास के घरों के आगे पहुंच रही है। लोगों ने नगर निगम से पार्कों की सफाई की ओर ध्यान देने की मांग की है।
फेज-3बी2 स्थित मकान नंबर 1468 के सामने पार्क में कई दिनों से पत्तों और गंदगी के ढेर लगे हैं। इससे लोगों को परेशानी झेलनी पड़ रही है। इलाका निवासी वीके वैद ने पार्क में लगे पत्तों के ढेर, गंदगी और टूटेे झूले दिखाते हुए कहा कि बीते दस दिन से पार्क में सफाई नहीं की गई है। इस कारण पार्क में जगह-जगह पत्तों और गंदगी के ढेर लग गए हैं। इसकी सफाई न होने के कारण लोगों को पार्क में जहां सैर करने में परेशानी हो रही है, वहीं हवा चलने से सूखे पत्ते लोगों के घरों के आगे जमा हो रहे हैं। यहीं नहीं उनके घरों के आगे भी सफाई नहीं की जा रही है। उन्होंने बताया कि शुक्रवार को तंग आकर उन्होंने डिप्टी मेयर को इस बारे में बताया। डिप्टी मेयर ने उन्हें संबंधित एसडीओ का नंबर दिया। एसडीओ को जब उन्होंने स्थिति के बारे में बताया तो उन्होंने तुरंत कार्रवाई करने का भरोसा दिया। अब तीन दिन बीत जाने के बावजूद न तो पार्क की सफाई हुई है और न ही अब एसडीओ उनका फोन उठा रहे हैं। वैद ने बताया कि जब पार्क गमाडा के पास था तो उसकी सफाई समय समय पर हो जाती थी। जबसे पार्क नगर निगम के पास आए हैं, तबसे साफ-सफाई पर ध्यान नहीं दिया जा रहा। इसका खामियाजा आम लोगों को भुगतना पड़ रहा है। इसके अलावा भी शहर के कई ऐसे पार्क हैं, जहां पर सफाई न होने के कारण पत्तों और गंदगी के ढेर लगे हुए हैं, जिसकी ओर भी नगर निगम कोई ध्यान नहीं दे रहा है।
अभी तक गमाडा के बोर्ड लगे है पार्को में
गमाडा द्वारा नगर निगम को करीब एक साल पहले पार्कों की जिम्मेदारी सौंप दी गई थी। इस दौरान शहर के कुछ प्रमुख पार्कों को छोड़ कर तकरीबन सभी पार्कों में अब तक गमाडा के बोर्ड लगे हैं। इस एक साल के दौरान निगम द्वारा बोर्ड तो लगाए नहीं जा सके, पार्को की देख रेख कैसे होगी। एक साल में ही पार्कों की हालत में सुधार न आने के कारण काफी समस्या आ रही है।