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Mohali News: दो किलोमीटर दी सड़क ते 138 गड्ढे, 100 छोटे ते 38 वड्डे-वड्डे

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लालडू। पिछले साल लालड़ू नगर परिषद के अंतर्गत आने वाली गांव रानीमाजरा से तसिंबली जाने वाली सड़क पर जगह-जगह बने जानलेवा गड्ढों की वजह से तीन दिन में दो लोगों की मौत हो गई थी। इसके बाद भी नगर परिषद और जिला प्रशासन आसपास की टूटी सड़कों को ठीक करवाने के लिए सजग नहीं हुआ है। जिस सड़क पर यह हादसा हुआ था उस सड़क को तो नगर परिषद ने ठीक करवा दिया है, लेकिन लालड़ू से गांव चौंदहेडी को जोड़ने वाली संपर्क सड़क पर जगह-जगह बने गड्ढे अभी भी हादसों को न्योता दे रहे हैं। इस दो किलोमीटर दूरी की सड़क पर करीब 138 गड्ढे बने हुए हैं, इनमें 100 छोटे और 50 बड़े गड्ढे बने हुए हैं। यह सड़क खस्ताहाल में है और इस पर आए दिन हादसे होते रहते हैं, कई दोपहिया वाहन चालक गिरकर चोटिल भी हो चुके हैं। जबकि इस सड़क आगे बसे करीब एक दर्जन गांवों के लोग वाहनों पर हिचकोले लेते हुए आवाजाही करते हैं। इन लोगों का कहना है कि इस सड़क से गुजरने वालों की जान जोखिम में होती है, इसलिए इस पर संभलकर चलना पड़ता है।
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लालडू-चौंदहेडी संपर्क सड़क आसपास के दर्जनों गांवों को जोड़ती है। इससे आवाजाही करना लोगों के लिए बहुत मुश्किल हो चुका है। दिलचस्प बात यह है कि इस सड़क के नवनिर्माण का शिलान्यास भी रखा जा चुका है, लेकिन आठ महीने बाद भी अभी तक सड़क का काम शुरू नहीं किया गया है। करीब 10 महीने पहले इस कुल तीन-चार किलोमीटर लंबी सड़क का टेंडर हुआ था। इसके बाद हलका विधायक अपनी टीम के साथ यहां पहुंचे और सड़क का शिलान्यास करके निकल लिए थे। इसके बाद जनाब ने कोई सुध तक नहीं ली। लालड़ू की इस सड़क पर सबसे ज्यादा उद्योग भी हैं। लालड़ू इंडस्ट्रीज एसोसिएशन का प्रतिनिधिमंडल कई बार प्रशासनिक उच्च अधिकारियों से मिलकर सभी को सड़क की हालत से अवगत करा चुका है।
वहीं, ग्रामीणों का आरोप है कि इस सड़क का हाल ओवरलोडेड टिप्परों की वजह से भी खराब हुआ है। इस सड़क के दो किलोमीटर के दायरे में आपको सड़क शायद कहीं-कहीं ही दिखाई देगी, बाकी जगह से छोटे-बडे सैकड़ों गड्ढों में तब्दील हो चुकी है। इस सड़क से निकलना बेहद जोखिम भरा हो जाता है।
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हजारों कर्मचारी करते हैं आवाजाही
इस सड़क पर एक बड़ा इंडस्ट्री जोन है। जहां हजारों कर्मचारी काम पर जाने के लिए आवाजाही करते हैं। हर रोज बड़े ट्रकों में कच्चा और तैयार माल आता जाता है। यहीं से रोजाना कर्मचारी भी निकलते हैं। इसके साथ ही उद्योगपतियों का सामान भी खराब हो रहा है। उन्होंने इंडस्ट्री जोन को मुख्य रखते हुए तुरंत इस सड़क को बनाने की मांग की है। -सोहन राणा, प्रधान, इंडस्ट्री एसोसिएशन लालड़ू
सड़क नहीं कच्चा रास्ता लगता है

यह सड़क नहीं है बल्कि कच्चा रास्ता ही लगता है, लेकिन कच्चा रास्ता भी इतने गड्ढ़ों से भरा नहीं होता है। दो किलोमीटर की दूरी में बड़े गड्ढे 50 से ज्यादा हैं और छोटे गड्ढे 100 से अधिक हैं। दिन के समय उड़ रही धूल से निकलना खतरे से खाली नहीं है। रात के समय में जान ओर भी जोखिम में आ जाती है। -राहगीर विशाल, ग्रामीण
सरकार ने ध्यान नहीं दिया

गांव चौंदहेडी की सड़क की हालत बेहद गंभीर है। इस सड़क पर दर्जनों गांवों से आने जाने वाले स्कूल विद्यार्थियों, बुजुर्गों, नौकरीपेशा और मरीजों को हर रोज परेशानी उठानी पड़ रही है। उन्होंने कहा कि पिछली और मौजूदा सरकारों ने इस और बिलकुल ध्यान नहीं दिया जिस कारण इस सड़क की यह हालत हुई। -चंद्रपाल, समाजसेवी, लालड़ू

इस खस्ताहाल सड़क से लगता है जैसे खदानों से निकल रहे हों। जहां राहगीरों के लिए यह जोखिम भरी है, वहीं वाहन भी क्षतिग्रस्त हो रहे हैं। बरसात के दिनों में तो यहां से निकलना नामुमकिन हो जाता है। ग्रामीणों की मांग है कि इस सड़क को जल्दी बनाया जाए -जगजीत सिंह, ग्रामीण

कोट्स
लालड़ू से गांव चौंदहेडी तक जाने वाली टूटी हुइ संपर्क सड़क को कंक्रीट-तारकोल से बनाने के लिए एस्टीमेट तैयार कर लिया गया है। हम नवंबर में इस सड़क को बनाने का काम शुरू कर देंगे। -गुरबख्शीश सिंह, कार्यकारी अधिकारी, नगर परिषद लालड़ू
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