बिना नक्शे पास करवाए किए निर्माण पर गिरेगी गाज
नगर निगम ने गांवों में किए गए अवैध निर्माण को हटाने की रणनीति बनाई
मकानों की हुई निशानदेही, पुलिस मदद भी मांग गई।
अमर उजाला ब्यूूूरो
मोहाली।
नगर निगम के अधीन आने वाले गांवों में अवैध तरीके से किए गए निर्माण पर अब निगम की नजर लग गई है। जिन लोगों ने पास नक्शे के अलावा निर्माण किया हुआ है, उसे हटाने की कार्रवाई नगर निगम जल्द कर सकता है। इस संबंध में नगर निगम के टाऊन प्लानिंग विंग की ओर से करीब 70 ऐसे निर्माण की सूची तैयार की गई है, जिन्हें मंजूरी मिलने के बाद नगर निगम गिरा सकता है। दूसरी तरफ नगर निगम ने इन्हें हटाने की कार्रवाई भी शुरू कर दी है। इसलिए नगर निगम ने पुलिस फोर्स की भी मांग की है।
सूूत्रों की माने तो अगर नगर निगम को पुलिस फोर्स मिल जाती है तो नौ अप्रैल को उक्त निर्माण को गिराया जा सकता है। हालांकि नगर निगम द्वारा यह कार्रवाई करने की रणनीति बिल्कुल गुप्त बनाई गई थी, लेकिन इससे पहले ही इसकी भनक लोगों को लग गई है। साथ ही अब इलाके के लोग इसके खिलाफ एकजुट होने लगे हैं। गांवों के लोगों का कहना है कि वह किसी कीमत पर यह कार्रवाई नहीं चलने देंगे। जरूरत पड़ी तो संघर्ष करने से भी पीछे नहीं रहेंगे।
नगर निगम के कमिश्नर संदीप हंस ने इस बात की पुष्टि की है। उन्होंने कहा कि बिना नक्शा पास किए गए निर्माण को गिराने के लिए कार्रवाई जल्द ही अमल में लाई जाएगी। उन्होंने कहा कि नगर निगम के टाऊन प्लानिंग विंग की रिपोर्ट के अनुसार इस संबंधी कार्रवाई की जाती है। साथ ही इस संबंधी पुलिस प्रशासन, फोर्स व मजिस्ट्रेट की तैनाती की मांग की गई है।
जिक्रयोग है कि यह मामला कुछ समय पहले भी उठा था। उस समय राज्य में अकाली दल बीजेपी की सरकार थी। इलाके के लोगों ने नगर निगम की बिल्डिंग का घेराव किया था। उस समय जहां अकाली दल की तत्कालीन नेता अमनजोत कौर रामूवालिया व विधायक बलबीर सिंह सिद्धू मौके पर पहुंच गए थे। उस समय रामूवालिया ने कार्रवाई न करने का भरोसा दिया था, जिसके बाद लोगों ने संघर्ष खत्म कर दिया था। अब दोबारा लोग संघर्ष की राह आए गए हैं। पेंडू संघर्ष कमेटी के प्रमुख परमदीप सिंह बैदवान ने कहा कि गांवों के लोगों के साथ धक्का नहीं होने दिया जाएगा। वह संघर्ष करने से पीछे नहीं रहेंगे।