सफाई मुद्दे पर निगम की मीटिंग हंगामेदार होने के आसार
शहर में सफाई का काम संभाल रही निजी कंपनी की कार्यशैली से असंतुष्ट हैं पार्षद
निगम की ओर से कंपनी के सफाई बीटों और खर्च में बढ़ोत्तरी का पार्षद करेंगे विरोध
अमर उजाला ब्यूरो
मोहाली।
नगर निगम की सोमवार को होने वाली मीटिंग हंगामेदार होने के आसार हैं। इस दौरान सफाई करने वाली कंपनी की 29 बीट बढ़ाकर खर्च में साढ़े पांच लाख रुपये की बढ़ोतरी करने संबंधी एजेंडा में डाले गए प्रस्ताव पर विरोध होने की संभावना है। वहीं नगर निगम द्वारा पेड़ों की कटाई और छंटाई के लिए पौने दो करोड़ रुपये खर्च कर खरीदी गई प्रोनिंग मशीन का मुद्दा (जिसकी जांच विजिलेंस द्वारा की जा रही है) भी जोर-शोर से उठेगा।
जानकारी के मुताबिक, लंबे समय के बाद सोमवार को नगर निगम की मीटिंग होने जा रही है। इस मीटिंग में शहर की सफाई ठेके की बीटें बढ़ाने का विरोध होना तय माना जा रहा है। इसका कारण बड़ी संख्या में शहर के पार्षद सफाई का काम संभाल रही कंपनी की कार्यशैली से असंतुष्ट हैं। ऐसी हालत में इस कंपनी की बीटों में बढ़ावा करने की बात किसी को हजम नहीं हो रही है। सफाई कंपनी के कामकाज पर नाराजगी जताते हुए कांग्रेसी पार्षद कुलजीत सिंह बेदी ने कहा कि निगम द्वारा कंपनी की बीटों में बढ़ावा करके उसे हर साल करीब 70 लाख का फायदा देने की इस कार्रवाई का सख्त विरोध करेंगे।
उन्होंने बताया कि कुछ समय पहले उन्होंने निजी तौर पर कंपनी के काम काज पर नाराजगी जताई थी और शहर का दौरा कर चेक किया था कि कंपनी नियमानुसार काम कर रही है या नहीं। उन्होंने इस संबंध में निगम के अधिकारियों को शिकायत भी दी थी। उन्होंने कहा कि शहर की मार्केटों की नई बीटें अगर अब बनाई गई है तो पहले मार्केटों की सफाई का काम कौन कर रहा था।
पार्षद ने कहा कि शहर के लोग कई बार सफाई की समस्या के संबंध में शिकायतें दे चुके हैं। इसके बावजूद कंपनी को नई बीटों का काम देना उचित नहीं है। ऐसा करके नगर निगम के अधिकारियों ने खुद पर ही सवालिया निशान खड़ा कर दिया है।
दूसरी ओर सत्ताधारी गुट व मेयर के खासमखास पार्षद आरपी शर्मा ने भी सफाई ठेकेदार की बढ़ाई जा रही बीटों का विरोध किया है। उन्होंने कहा कि शहर में सफाई का काम संतोषप्रद नहीं है और सफाई ठेकेदार अपनी मनमर्जी से काम करते हैं। घरों के बाहर पड़ा कूड़ा चार-पांच दिनों तक नहीं उठाया जाता। ऐसे में ठेकेदार की बीटों में बढ़ोत्तरी करना उचित नहीं है। उन्होंने कहा कि यहां के पार्षदों की एक कमेटी बनाकर शहर की सफाई व्यवस्था पर नजर रखनी चाहिए, उसके बाद बीटों को बढ़ाने पर विचार होना चाहिए।
अकाली पार्षद परमजीत सिंह काहलों ने बताया कि गांवों की बीटों की सफाई ठेकेदार को देना वाजिब है, लेकिन शहर की मार्केटों की बनाई गई नई बीटों को लेकर नगर निगम की मीटिंग में सवाल उठाया जाएगा। क्योंकि पहले यह पता होना चाहिए था कि मौजूदा समय में मार्केटों की सफाई का काम काज कौन देख रहा है।