जीरकपुर में 13 दिनों में दूसरी बड़ी आग..
पारले जी के गोदाम में भीषण आग, करोड़ों का नुकसान
दमकल की 65 गाड़ियां आग बुझाने में जुटीं, इलाके में फैला धुआं
आसपास के इलाके को कराया खाली, सुरक्षित स्थानों पर भेजे लोग
आग देख बेसुध हुआ गोदाम मालिक- डीडीआर भी दर्ज
रविवार सुबह पौने 10 बजे लगी आग, देर रात तक सुलगती रही
अमर उजाला ब्यूरो।
जीरकपुर।
गांव पभात में रविवार सुबह बिजली के शार्ट सर्किट से पारले-जी बिस्कुट कंपनी के गोदाम में आग लग गई। आग से गोदाम में रखा करोड़ों का सामान जल गया। वहीं, मामले की सूचना पाकर मौके पर पहुंची पुलिस पार्टियों ने आसपास क्षेत्र में रहने वाले लोगों को खाली करवाकर सुरक्षित स्थान पर शिफ्ट किया। डेराबस्सी, पंचकूला, चंडीगढ़ व अन्य क्षेत्रों से आई दमकल की 65 गाड़ियां देर रात तक आग बुझाने में लगी रहीं। गनीमत रही कि कोई जानी नुकसान नहीं हुआ।
जानकारी के मुताबिक, गांव पभात में पारले-जी बिस्कुट कंपनी का एक गोदाम है। यहां रविवार सुबह करीब पौने 10 बिजली का शार्ट सर्किट हुआ। शार्ट सर्किट से निकली चिंगारी गोदाम के अंदर पड़े सामान पर गिरी, जिसके बाद आग ने धीरे-धीरे अंदर पड़े सामान को चपेट में ले लिया। आग एक के बाद एक आसपास मौजूद गोदाम में पहुंचना शुरू हो गई, जिसके बाद लोगों ने दमकल विभाग और पुलिस अधिकारियों को सूचना दी। दूसरी ओर, घटना की सूचना दमकल विभाग को करीब साढ़े 12 बजे मिली, जिसके बाद विभाग की टीमें डेराबस्सी से मौके पर पहुंचीं।
पहले बिस्कुट के पैकेट में लगी आग :
पारले-जी कंपनी के इस गोदाम से पंजाब, हिमाचल प्रदेश, हरियाणा, जम्मू-कश्मीर व अन्य क्षेत्रों में माल की सप्लाई की जाती है और भारी मात्रा में गोदाम में माल स्टॉक किया जाता है। लोगों की मानें गोदाम रिहायशी क्षेत्र में बना हुआ हैं, जिसकी वजह से परेशान लोगों ने एमसी ऑफिस जीरकपुर को कई बार शिकायतें तक दर्ज करवाई, लेकिन अधिकारियों ने कभी यहां का दौरा नहीं किया।
प्रशासन के उच्चाधिकारी पहुंचे मौके पर :
वहीं, प्रशासन के आला अधिकारी भी मौके पर पहुंचे। हालात का जायजा लेने के बाद उन्होंने आसपास रहने वाले लोगों को रेस्क्यू किया, साथ ही खाली प्लाटों के अंदर झुग्गियां बनाकर रह रहे लोगों को जगह छोड़ कर सुरक्षित स्थानों पर जाने के निर्देश दिए। इसके बाद पुलिस ने सिटी एंक्लेव और जेपी अस्पताल वाले रास्तों को सील कर दिया, ताकि दमकल विभाग की गाड़ियों को पहुंचने में परेशानी न आए। कुछ ही देर बाद दमकल की गाड़ियां आना शुरू हो गईं, जिन्होंने आग पर काबू पाना शुरू कर दिया। देर शाम छह बजे तक दमकल विभाग की लगभग 65 गाड़ियां गोदाम में आग बुझाने में जुटी रहीं, जो देर रात तक जारी है।
दमकल विभाग को फोन करने पर कॉल मिलती हैं चंडीगढ़ :
प्रत्यक्षदर्शियों ने घटनास्थल पर मौजूद पुलिस कर्मियों को बताया कि आग लगने की सूचना देने के लिए उन्होंने जब दमकल विभाग को कॉल की तो वह चंडीगढ़ दमकल विभाग के पास पहुंची, जिन्होंने खुद का क्षेत्र न कहकर मोहाली दमकल विभाग के ऑफिस बात करने की सलाह दी। जिसके बाद लोगों ने दोबारा मोबाइल दमकल विभाग में कॉल की, इस बार जवाब मिला कि गांव पभात डेराबस्सी दमकल विभाग के अधीन आता है, जिसको घटना की जानकारी दे दी है।
गोदाम मालिक बेहोश, मुंह से निकले ये शब्द, ‘आग ने मेरा सब कुछ बर्बाद कर दिया’ :
गांव पभात में पारले-जी कंपनी के सी एंड एफ के मालिक मनमीत सिंह हैं, जो घटना की सूचना पाकर मौके पर पहुंचे। दूसरी ओर, गोदाम के अंदर से आग की बड़ी-बड़ी लपटें देखकर उनकी तबीयत खराब हो गई और चक्कर खाते हुए बेहोश होकर जमीन पर गिर गए। वहीं, उनके साथ आए परिजनों ने मनमीत सिंह को संभाला और गाड़ी में बैठाकर अस्पताल ले गए। जबकि उनका आरोप है कि दमकल विभाग की टीमें अगर मौके पर पहुंच जाती तो इतना नुकसान न होता। वहीं, मनमीत सिंह के जब परिजन उठाकर लेकर जा रहे थे तो उनके मुंह से यही शब्द निकले कि ‘आग ने सब कुछ बर्बाद कर दिया।’
घटना के 3 घंटे बाद पहुंचा दमकल विभाग :
जानकारी के अनुसार, प्रत्यक्षदर्शियों ने मौके पर मौजूद पुलिस अधिकारियों को बताया कि आग लगने की जानकारी उन्हें सुबह सवा 10 बजे मिली, जिसके बाद दमकल विभाग को सूचित करने में उनका समय बर्बाद हो गया। लोगों ने बताया कि पहली बार उनकी कॉल चंडीगढ़ दमकल विभाग के कार्यालय को मिली। वहीं, दोबारा मिलाया तो उनकी कॉल मोहाली और पंचकूला दमकल विभाग को मिली, जहां मौजूद अधिकारियों ने डेराबस्सी दमकल विभाग दफ्तर का नंबर देकर संपर्क करने की बात कही। सही नंबर न मिलने से घटना की सूचना डेराबस्सी दमकल विभाग के पास सवा 12 बजे पहुंची, जिसके बाद विभाग की टीमें रवाना हो गई।
शहर के होटलों से दमकल विभाग की गाड़ियों ने भरा पानी :
अधिकारियों की मानें तो बिस्कुट के गोदाम में आग पर काबू पाने के लिए दमकल विभाग की खाली गाड़ियों में दोबारा पानी भरने के लिए स्थानीय होटलों के अलावा ट्यूबवेलों की मदद ली गई। दमकल विभाग की टीम ने अंबाला-चंडीगढ़ हाईवे पर स्थित पार्क प्लाजा, होटल-6, रिजेंटा, रमाडा आदि होटलों से फायर टेंडर में पानी भरा गया। वहीं, पंचकूला, मोहाली व चंडीगढ़ से आए फायर टेंडर को अधिकारियों ने वापस भेजने की बजाय नजदीकी स्थानों से पानी भरकर आग बुझाने में लगाए रखा, जिनको देर रात अपने-अपने स्टेशनों के लिए रवाना किया।
गोदाम में आग लगने की सूचना विभाग के पास दोपहर 12 बजे मिली, जिसकी बाद टीम को तुरंत रवाना किया गया। उन्होंने बताया कि अभी तक 65 गाड़ियों की मदद से गोदाम के अंदर पानी की बौछारें कर चुके हैं, जो अभी तक जारी है। उन्होंने बताया कि गोदाम मालिक के पास किसी तरह की एनओसी नहीं हैं, जिसके चलते गोदाम मालिक के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि गांव पभात के अंदर चल रहे गोदाम की वेरिफिकेशन के लिए एक रिपोर्ट तैयार करके उच्चाधिकारियों को भेजी जाएगी, ताकि यहां पर अभियान चलाकर फायर सेफ्टी रूल्स की जांच की जाए।
- मनजीत सिंह, इंचार्ज, दमकल विभाग डेराबस्सी।
मामले को लेकर गोदाम मालिक के खिलाफ पुलिस ने डीडीआर दर्ज कर ली है। उन्होंने बताया कि गोदाम की आग से आसपास रहने वाले लोगों को वहां से निकालकर सुरक्षित स्थानों पर भेजा गया है। जबकि पुलिस द्वारा गोदाम क्षेत्र में जाने वाले रास्तों को सील किया गया हैं, ताकि कोई जानी नुकसान न हों।
- पवन शर्मा, एसएचओ, पुलिस थाना जीरकपुर।
मामले की सूचना मिलने के बाद गोदाम क्षेत्र की बिजली सप्लाई बंद कर दी गई है। उन्होंने बताया कि दमकल विभाग के अधिकारियों के आदेशों के बाद ही बिजली की सप्लाई बहाल की जाएगी।
- तुषार कुमार, जेई, पीएसपीसीएल जीरकपुर।
मामले की सूचना मिलने के बाद अधिकारियों को जांच के निर्देश दे दिए हैं। उन्होंने कहा कि पभात में चल रहे गोदामों के पास हुए नक्शों का रिव्यू किया जाएगा। यदि मामले में कोई दोषी पाया गया तो उसका नक्शा कैंसल किया जाएगा। - मनवीर सिंह गिल, ईओ, एमसी ऑफिस जीरकपुर।
12 दिसंबर को लगी थी डायपर पैड के गोदाम में आग :
बीते 12 दिसंबर को पभात-नडियाली रोड पर स्थित यूनिचार्म इंडिया प्राइवेट लिमिटेड कंपनी के पहली मंजिल पर स्थित गोदाम में अचानक आग लग गई थी, जिसमें कंपनी के करीब 5 करोड़ रुपये के डायपर पैड जलकर खाक हो गए। वहीं, दमकल विभाग की टीम को डायपर पैड के गोदाम में लगी आग पर काबू पाने के लिए कुल 85 गाड़ियां लगी। इस आग पर 14 दिसंबर दोपहर एक बजे तक काबू पाया जा सका।