फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Mohali News: फेसबुक पर पॉपअप मैसेज भेजकर बुजुर्ग से ठगे 1.05 करोड़

विज्ञापन
विज्ञापन
मोहाली। कभी सीबीआई अधिकारी तो कभी निवेश के नाम पर रुपये दोगुने करने का लालच देकर लोगों को लूटा जा रहा है। इसी तरह के मामले में सेक्टर-71 निवासी 64 वर्षीय बुजुर्ग को मुनाफे का लालच देकर 1.05 करोड़ रुपये ठगने का मामला सामने आया है। बुजुर्ग को ठगने के लिए फर्जी दस्तावेज, कंपनी और आईडी का इस्तेमाल किया गया है।
विज्ञापन

इस मामले में साइबर क्राइम पुलिस ने दो अज्ञात के खिलाफ महत्वपूर्ण दस्तावेजों की जालसाजी, बेईमानी से जाली दस्तावेजों या इलेक्ट्रानिक रिकार्ड को असली बनाकर उपयोग करने, किसी को शारीरिक, मानसिक व वित्तिय नुकसान पहुंचाने, धोखाधाड़ी, जालसाजी और आईटी एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है। यह मामला राजनदीप सिंह टिवाणा के बयान दर्ज किया गया है।

राजनदीप सिंह टिवाणा ने साइबर पुलिस को दी शिकायत में बताया कि 2 जून को उनके फेसबुक अकाउंट राजनटिवाणा पर एक पॉपअप डिस्प्ले हुआ। इसमें निवेश के प्लान दिखाए हुए थे। उनमें एक कंपनी एचडीएफसी सिक्योरिटी प्राइवेट लिमिटेड और दूसरी कंपनी अप स्टॉक प्राइवेट लिमिटेड दिख रही थी। जब उसने पॉपअप को क्लिक किया तो उसके मोबाइल नंबर पर व्हाट्सअप ग्रुप बी-7 एचडीएफसी मार्केट नेविगेशन नाम का मैसेज आया। उसे कस्टमर केयर नंबर मिला। उसने उस नंबर पर संपर्क किया तो उससे कहा गया कि किस बैंक खाते से आप अपने पैसे निवेश करोंगे। उन्होंने जानकारी साझा की तो उसे एक बैंक डिटेल मिली। उसने शुरुआत में 10 हजार रुपये उस बैंक खाते में निवेश कर दिए।
विज्ञापन


जालसाजों ने उसके नाम से बनाई आइडी में पैसे डलवाए
जालसाजों ने राजनदीप टिवाणा से जो पैसे निवेश करवाए वह उसी के नाम से बनाई गई आईडी पर डलवाए। यह आईडी जाली थी लेकिन उसके 10 हजार रुपये उसके नाम से आईडी में शो होने लगे। उसे कहा गया कि कुछ दिनों में इसे सेल करके उसमें 20 से 30 प्रतिशत का मुनाफा मिलेगा। बाद उसे व्हाट्सअप ग्रुप बी-7 एचडीएफसी मार्केट नेविगेशन के माध्यम से और निवेश करने की डिमांड की जाने लगी। कुछ ही दिनों में उसने उनके बताए खाते में 71.34 लाख रुपये ट्रांसफर कर दिए। उसके कुछ दिन बाद मेघना चौधरी नाम की लड़की का मैसेज आया। उसने उनके नाम से जारी वीआई एजेंट एग्रीमेंट की कॉपी भेजी, जिसमें उन्होंने एचडीएफसी सिक्योरिटी लिमिटेड का सेबी रजिस्ट्रेशन प्रमाणपत्र दिखाया हुआ था।
इसी तरह 4 जून 2025 को उसे दोबारा फेसबुक अकाउंट पर एलाइट सर्कल ग्रुप एम-66 का पॉपअप डिस्प्ले हुआ। इस पर क्लिक करने पर उसे एक मोबाइल नंबर मिला। इस पर बात की तो उसने खुद को कंपनी का सीईओ बताया। उन्होंने भी कंपनी में निवेश करने पर अच्छा मुनाफा देने का दावा किया। उसने उनके झांसे में आकर आठ ट्रांजेक्शन के माध्यम से कुल 34.35 लाख रुपये निवेश कर दिए। उसने उक्त जिन कंपनियों में रुपये निवेश किए। उसके रुपये कुछ ही दिनों में उसकी बनाई आईडी पर दोगुने नजर आने लगे। इस तरह राजनदीप टिवाणा ने कुल 1 करोड़ 5 लाख 90 हजार रुपये निवेश कर दिए और बाद में कपंनियों ने उसकी आईडी डिलिट कर दी। उसको एक रुपया भी वापस नहीं मिला। बाद में उसकी शिकायत पर पुलिस ने अज्ञात पर मामला दर्ज किया।



पहले हो चुकीं वारदातें
- इससे पहले पुडा भवन के प्रिंसिपल सेक्रेटरी विकास गर्ग के पिता जगदीश गर्ग को डिजिटल अरेस्ट कर 58.5 लाख रुपये ठगे जा चुके हैं। जगदीश गर्ग को सीबीआई अधिकारी बनकर ठगा गया था।

- साइबर क्राइम पुलिस ने 50 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी में शामिल आठ ठगों को गिरफ्तार किया था। मोहाली में अंतरराष्ट्रीय कॉल सेंटर चल रहा था, जो इसी तरह अच्छा मुनाफा देने का लालच देकर लोगों को ठगते थे। यह कॉल सेंटर सेक्टर-91 में अवैध रूप से चल रहा था। यहां काम करने वाला स्टाफ ऑनलाइन लोगों को ठगता था।
साइबर पुलिस को टिवाणा की तरफ से शिकायत मिली थी, जिस पर हमारी एक्सपर्ट टीमें काम कर रही हैं। जांच में धोखाधड़ी के मामले सामने आने पर अज्ञात के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है। - इंस्पेक्टर जयदीप जाखड़, थाना साइबर क्राइम
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें