मोगा-कोटकपूरा बाईपास पर 25 जून को चंडीगढ़ क्राइम ब्रांच टीम से हुई मुठभेड़ में घायल और सिविल अस्पताल में दाखिल दोनों आरोपियों को डॉक्टरी राय हासिल करने के बाद गिरफ्तार कर थाना सिटी में लाया गया है। थाना सिटी साउथ के एसएचओ इंस्पेक्टर जतिंदरजीत सिंह ने बताया कि दोनों आरोपियों को कल अदालत में पेश कर पुलिस रिमांड लिया जाएगा और इस मामले की पूछताछ की जाएगी।
थाना सिटी साउथ में चंडीगढ़ क्राइम ब्रांच के इंचार्ज इंस्पेक्टर रणजोध सिंह की शिकायत पर दर्ज किए गए इस मामले में मोगा पुलिस के हाथ खाली हैं। इस मुठभेड़ की एक तरफ मजिस्ट्रेट जांच और दूसरी तरफ सीएम प्रकाश सिंह बादल की तरफ से आईजी रैंक के अधिकारी की निगरानी में नई विशेष जांच टीम का गठन कर दिया गया है। चंडीगढ़ की क्राइम ब्रांच के इंचार्ज इंस्पेक्टर रणजोध सिंह की जिले के एक सीनियर अकाली नेता से रिश्तेदारी ने भी पुलिस अधिकारियों को असमंजस में डाला हुआ है।
जिस दिन यह मुठभेड़ हुई उस दिन भी जिला पुलिस असमंजस में रही और मौके पर लोगों से इस घटना के बारे में जानकारी हासिल करती रही। मुठभेड़ के दौरान घायल और मौके से काबू किए गए गुरचरन सिंह उर्फ रिंकू निवासी गांव चन्नूवाला और सुखपाल सिंह उर्फ खुशपिंदर सिंह निवासी गांव संगतपुरा का सिविल अस्पताल में पुलिस पहरे में इलाज चल रहा था। रविवार को पुलिस डॉक्टर से लिखित राय हासिल कर दोनों आरोपियों को डिस्चार्ज करवा कर गिरफ्तार कर सिटी थाने ले आई।
25 जून की देर शाम को चंडीगढ़ पुलिस की टीम क्राइम ब्रांच के इंचार्ज इंस्पेक्टर रणजोध सिंह के नेतृत्व में चंडीगढ़ के सेक्टर 17 में 23 जून को दर्ज मामले में नामजद आरोपी गुरचरन सिंह, सुखपाल सिंह और छिंदर सिंह उर्फ गोगा गांव लंगेआना पुराना की गिरफ्तारी के लिए मोगा में थी। इस दौरान मोगा-कोटकपूरा बाईपास पर दोनों तरफ से गोलीबारी में सब इंस्पेक्टर राजदीप सिंह और सिपाही सुरिंदर कुमार घायल हो गए थे और सुखदेव सिंह निवासी न्यू टाउन मोगा और इंद्रजीत सिंह उर्फ गोरा गांव सिंघांवाला की मौत हो गई थी। मुठभेड़ में मारे गए दोनों व्यक्तियों के परिवारों ने मामले की उच्च स्तरीय जांच की मांग की थी।