पंजाब में कांग्रेस पार्टी में बड़ी हलचल हुई है। पार्टी ने अपने एक विधायक का निलंबन रद्द कर दिया है। साल 2024 में कांग्रेस ने उन्हें पार्टी से निलंबित किया था। उन पर पार्टी विरोधी गतिविधियों का आरोप लगाकर निलंबन किया गया था।
फिल्लौर से विधायक विक्रमजीत सिंह चौधरी ने सोमवार को पंजाब कांग्रेस इकाई के अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वॉरिंग की मौजूदगी में लुधियाना में आयोजित एक कार्यक्रम में पार्टी में वापसी की। यह वापसी उनके निलंबन को रद्द करने के बाद हुई।
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बीते साल हुआ था निलंबन
विक्रमजीत, पूर्व सांसद स्वर्गीय संतोख सिंह चौधरी के बेटे हैं। उन्हें पिछले साल अप्रैल में कथित तौर पर पार्टी विरोधी गतिविधियों के लिए निलंबित किया गया था। पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष राजा वॉरिंग ने एक्स पर लिखा, "हमें खुशी है कि हमारे सहयोगी और फिल्लौर विधायक विक्रमजीत सिंह हमारे साथ वापस आ गए हैं। वह तीसरी पीढ़ी के समर्पित कांग्रेसी हैं। उनकी वापसी निश्चित रूप से पार्टी को मजबूत करेगी। हम एकजुट होकर और भी मजबूत होंगे।"
ये थी पार्टी से निलंबन की वजह
विक्रमजीत की पार्टी में वापसी लुधियाना के दाखा में आयोजित संविधान बचाओ रैली के दौरान हुई। इस अवसर पर पूर्व उपमुख्यमंत्री और गुरदासपुर सांसद सुखजिंदर सिंह रंधावा और अन्य नेता मौजूद रहे। बता दें कि विक्रमजीत को 2024 लोकसभा चुनाव से पहले जालंधर से पार्टी के उम्मीदवार चरणजीत सिंह चन्नी के खिलाफ बयानबाजी के कारण निलंबित किया गया था। उन्होंने चन्नी की उम्मीदवारी का विरोध किया था। उस दौरान उनकी मां कर्मजीत कौर चौधरी ने भाजपा ज्वाइन की थी।