जिले में 132 क्रशरों पर मामला दर्ज करने पर क्रशर मालिकों में भारी गुस्सा है जो थमने का नाम नहीं ले रहा है। शुक्रवार को जिला स्टोन क्रशर यूनियन की ओर से प्रधान विजय पासी की अध्यक्षता में पंजाब सरकार का पुतला फूंका गया और लेबर शेड में धरना देने के बाद इंडस्ट्री दफ्तर के बाहर रोष प्रदर्शन किया गया।
इस मौके पर क्रशरों पर पर्चा दर्ज करने को लेकर कांग्रेस के पूर्व मंत्री रमन भल्ला और पठानकोट के विधायक अश्वनी शर्मा के बीच नोकझोंक हो गई। काफी देर तक उनमें आरोप-प्रत्यारोप का दौर चलता रहा। दोनों के समर्थक एक-दूसरे के खिलाफ नारेबाजी करते रहे। विवाद बढ़ता देखकर क्रशर मालिकों ने बीच बचाव कर मामला शांत किया।
जानकारी के मुताबिक सुबह रोजाना की तरह लेबर शेड में यूनियन की ओर से क्रशरों पर दर्ज मामले रद्द कराने की मांग के लिए धरना जारी रखा गया था। धरने में कांग्रेस के पूर्व मंत्री रमन भल्ला भी शामिल हुए। भल्ला ने आरोप लगाया कि अकाली-भाजपा की नीतियों के फलस्वरूप पंजाब की इंडस्ट्री तबाही की कगार पर पहुंच चुकी है। उनका भाषण चल ही रहा था और विधायक अश्वनी शर्मा भी मौके पर पहुंच गए। भल्ला ने विधायक के सामने आरोप लगाया कि पंजाब सरकार की गलत नीतियों के कारण इलाके में क्रशर इंडस्ट्री डूबने की कगार पर खड़ी है।
उन्होंने कहा कि 132 क्रशरों पर दर्ज किए गए मामले गलत हैं और यदि पंजाब सरकार इंडस्ट्री को बचाने के लिए दिलचस्पी लेती तो उन पर आज पर्चे दर्ज नहीं होते। यह बात सुनकर विधायक अश्वनी शर्मा गर्मी खा गए और उनकी भल्ला के साथ नोकझोंक हो गई।
विधायक अश्वनी शर्मा ने भल्ला पर क्रशरों पर दर्ज मामलों को राजनीतिक मुद्दा बनाने का आरोप लगाते हुए कहा कि केंद्र सरकार की ओर से पर्यावरण क्लीयरेंस नहीं मिलने पर खड्डों की नीलामी रुकी पड़ी है। इससे क्रशर उद्योग पर संकट के बादल मंडरा रहे हैं। काफी देर तक दोनों के बीच उक्त मुद्दे को लेकर बहस होती रही और दोनों के समर्थक एक-दूसरे के खिलाफ नारेबाजी करते रहे।
इस अवसर पर दिनेश विज, पंकज महाजन, अमरीक सिंह कंडरा, कृष्ण गोपाल शर्मा, युद्धवीर सिंह, ठा. प्रवीण सिंह, नितिन महाजन लाडी, बलविंद्र सिंह, गुरनाम सिंह, भान सिंह, राजिंदर भूर, रामकुमार, पवन महाजन, तरुण महाजन, संजय आनंद, सुखविंदर सिंह, नीरज कुमार, पंकज भनोट, पवन शर्मा, अमीर चंद, बोधराज, फतेह सिंह, जसपाल सिंह पाली, जोगिंदर शर्मा और अमित कुंद्रा मौजूद रहे।
सीएम से बात करवाएंगे : अश्वनी
विधायक अश्वनी शर्मा ने कहा कि क्रशर इंडस्ट्री पर आने वाली इस समस्या से उनके साथ जुड़े हजारों पर लोगों की भी रोजी-रोटी पर समस्या आ रही है। इसीलिए वह उनकी समस्या के उचित हल के लिए जल्द ही मुख्यमंत्री से बैठक करवाएंगे।
केंद्र और राज्य सरकार दोनों जिम्मेदार : पासी
बाद में यूनियन के जिला प्रधान विजय पासी और क्रशर उद्यमी बीचबचाव को उतरे। पासी ने क्रशर इंडस्ट्री की हालत के लिए केंद्र और राज्य सरकार को जिम्मेदार ठहराते हुए कहा कि क्रशर नीति में रूल नं-7 क्रशर उद्यमियों के लिए काला कानून साबित हो रहा है, क्योंकि इस कानून में क्रेशर पर छोटा सा चालान होने पर भी उसकी रजिस्ट्रेशन अगले पांच वर्ष तक रद्द कर दी जाएगी जोकि क्रशर उद्यमियों के साथ सरासर नाइंसाफी है। उन्होंने कहा कि राज्य और केंद्र सरकार को आपसी लड़ाई को न देखते हुए क्रेशर इंडस्ट्री को तबाह होने से बचाने के प्रयास करने चाहिए।