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Ukraine Crisis: खाने का इंतजाम नहीं, बंकर में दुबक कर बैठे हैं भारतीय विद्यार्थी

Sun, 27 Feb 2022 12:04 PM IST
निवेदिता वर्मा संवाद न्यूज एजेंसी, बरनाला (पंजाब)
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यूक्रेन में फंसे बरनाला के मोहम्मद शकील के परिजन। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी।
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रूस और यूक्रेन के युद्ध के बीच अब भारतीय विद्यार्थियों को खाने की किल्लत हो गई है। भारतीय विद्यार्थियों को रूस द्वारा बरसाई जा रही मिसाइलों का खतरा को बना ही हुआ है साथ ही अब उनको खाने भी नही मिल पा रहा। एमबीबीएस करने गए महलकलां और तपा के कई विद्यार्थी यूक्रेन में फंस गए हैं। उनके माता पिता चिंतित हैं। मोहम्मद शकील पुत्र केसर खान निवासी महलकलां, बलकार सिंह पुत्र मक्खन सिंह, हरजिंदर सिंह निवासी रायसर पटियाला, मनजिदर कौर निवासी दीवाना,  संदीप सिंह निवासी भोतना, परमजीत कौर निवासी गंगोहर यूक्रेन में पढ़ाई करने गए थे। 

बंकर में रात बिताने को मजबूर बेटा

मोहम्मद शकील के पिता केसर खान ने कहा कि उनका बेटा वर्ष 2017 में यूक्रेन में एमबीबीएस करने गया था। वह डर के मारे बंकर में रात बिताने को मजबूर है। गंगोहर की रहने वाली परमजीत कौर के पिता जरनैल सिंह ने बताया कि उनकी बेटी ढाई साल पहले उच्च शिक्षा लेने यूक्रेन गई थी। वतन वापसी न होने के कारण वह चिंतित हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्र सरकार से मांग की है कि यूक्रेन में फंसे विद्यार्थियों की सुरक्षित स्वदेश लाया जाए। 

फ्लाइट रद्द हुई, फंस गए युवक

यूक्रेन में एमबीबीएस करने गए तपा के निवासी दो युवक फ्लाइट रद्द होने के कारण फंसे हैं। रूस से जंग के बाद सभी अंतरराष्ट्रीय फ्लाइट रद्द कर दी गई है। तपामंडी के रहने वाली डा. धीरज शर्मा और उनकी पत्नी संगीता ने भावुक होते हुए बताया कि उनका बेटा कंवर शर्मा यूक्रेन में एमबीबीएस पांचवें वर्ष का छात्र है। वह एमबीबीएस का कोर्स करने गया है। वह 2021 में कोविड के चलते घर आ गया था। इसके बाद दिसंबर 2021 में दोबारा पढ़ाई करने के लिए चला गया। डा. धीरज ने बताया कि उनके बच्चों के साथ ही देश के विभिन्न राज्यों के हजारों बच्चे यूक्रेन में बने बंकरों में बैठे है। वह भारत वापस आने की सोच रहे हैं, लेकिन सरकार द्वारा कोई प्रयास नहीं किए जा रहे। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी व सांसद भगवंत मान से गुहार लगाई कि उनके बच्चों के साथ सभी भारतीय विद्यार्थियों को यूक्रेन से वापस लाया जाए। 

यूक्रेन से कंवर शर्मा बोले, हमें जल्द भारत लाया जाए

यूक्रेन में फंसे कंवर शर्मा ने बताया कि सरकार की ओर से कोई मदद नहीं की जा रही है। उनके पास खाने-पीने की उचित व्यवस्था नही है। उनको वहां आर्मी के टैंक की आवाजें सुनाई देती हैं। मगर मजबूरन उन्हें बंकरों का सहारा लेना पड़ रहा है। उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी से अपील की है कि सभी बच्चों को जल्द यूक्रेन से भारत लाया जाए।

वीडियो कॉल से पता चला, डर का मौहाल है

तपा निवासी अशोक कुमार ने बताया कि बेटा हर्षित बंसल यूक्रेन की खर्जिन यूनिवर्सिटी में एमबीबीएस चौथे वर्ष का छात्र है। वह उसी जगह पर फंसा है, जहां अन्य लोग हैं। उन्होंने मीडिया के सामने बेटे से वीडियो कॉल की। उसका हालचाल जाना। हर्षित ने कहा कि वह बिलकुल ठीक है, लेकिन डर के माहौल में है। हर्षित के पिता ने सरकार से मांग की है कि यूक्रेन में फंसे सभी भारतीयों को जल्द वापस लाया जाए। 

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