संवाद न्यूज एजेंसी
लुधियाना। अनाज मंडी ट्रांसपोर्टेशन टेंडर घोटाले में कांग्रेसी नेता मनप्रीत सिंह इस्सेवाल से पूछताछ के बाद कई खुलासे होते नजर आ रहे हैं। विजिलेंस की टीम इस मामले में अभी खुलकर कुछ बताने को तो तैयार नहीं, लेकिन सूत्र जो बताते हैं कि मनप्रीत इस्सेवाल के नेताओं और कालोनाइजरों से कनेक्शन पर विजिलेंस की टीम लगातार जांच में जुटी है। विजिलेंस की टीम यह जांच कर रही है कि चार साल तक पहले दो पहिया स्कूटर की सवारी करने वाले मनप्रीत सिंह इस्सेवाल कैसे करोड़ों रुपये की जायदाद और लग्जरी गाड़ियों का मालिक बना। उसने कैसे अपने राजनीतिक रिश्तों का इस्तेमाल किया और किन लोगों के जरिये प्रापर्टी के सौदे कराए। इतना ही नहीं विजिलेंस की टीम की शहर की बड़ी कंपनियों पर नजर है जिन्होंने मनप्रीत के जरिये प्रापर्टी खरीदी है। अब यह जांच की जा रही है कि कही इन जमीनों पर नेताओं के पैसे निवेश हैं या नहीं।
विजिलेंस की टीम मनप्रीत इस्सेवाल से लगातार पूछताछ करने में जुटी है। उससे कई रिकार्ड मंगवाए गए और उसके बाद विजिलेंस के हाथ कई ऐसे सबूत लगे जिससे बड़ी कंपनियां विजिलेंस की रडार पर पहुंच गईं। विजिलेंस अब यह जांच करने में जुटी है कि मनप्रीत इस्सेवाल ने जो प्रापर्टी का कारोबार किया है उसका नेताओं और कालोनाइजरों के बीच कनेक्शन कैसे हुआ और वह इतना बड़ा कारोबार किस नेता के दम पर किया। पुलिस यह भी जांच करने में जुटी है कि जो कारोबार मनप्रीत इस्सेवाल ने किया है उसमें किसी नेता का पैसा लगा है या नहीं। इसके अलावा यह बात भी सामने आ रही है कि मनप्रीत से करीब 500 एकड़ जमीन की रजिस्ट्रियों का रिकार्ड हाथ लगा है, जो मनप्रीत इस्सेवाल व उसकी पत्नी के नाम बताया जा रहा है।
सूत्रों के हवाले से इस्सेवाल के पास गांव इस्सेवाल, चंगनवाल, मोर करीमा, खंजरवाल, रुमी, ढल्ला, मल्ला, चक्क, गोरसियां कादरबख्श और सलेमपुरा गांव में आती करीब 500 एकड़ की जमीनों की रजिस्ट्रियां कब्जे में आने की बात सामने आ रही है। इसका बाजार मूल्य 1500 से 2000 करोड़ रुपये बताई जा रही है। हालांकि अभी इस मामले में विजिलेंस कुछ भी अधिक बोलने को तैयार नहीं है, लेकिन सूत्र बताते हैं कि विजिलेंस की ओर से जगरांव, सिधवां बेट, मुल्लांपुर, लुधियाना वेस्ट सहित कई तहसीलों से प्रॉपर्टी का रिकार्ड खंगाला जा रहा है। विजिलेंस मनप्रीत सिंह इस्सेवाल से संबंधित प्रॉपर्टी का रिकार्ड तो जुटा ही रही है, साथ में इस बात की भी पड़ताल कर रही है कि मनप्रीत सिंह इस्सेवाल जैसे कई और मनप्रीत तो नहीं, जो इतने बडे़ स्तर पर प्रॉपर्टियों की रजिस्ट्री अपने नाम पर करवाकर पूरा प्रॉपर्टी सिस्टम चला रहे थे।