लुधियाना। फाइनांसरों के कर्ज से परेशान होकर गांव भौरा के पंजाब पुलिस के होमगार्ड ने जहरीला पदार्थ निगल कर अपनी जान दे दी। हालांकि तबीयत खराब होने पर परिवार वाले अस्पताल ले गए। जहां उसकी मौत हो चुकी थी। थाना सलेम टाबरी की पुलिस ने जांच की तो एक सुसाइड नोट मिला। जिसमें पंजाब पुलिस के होमगार्ड ने फाइनांसरों से तंग आकर आत्महत्या करने की बात की। जिसके बाद पुलिस ने गांव भौरा के चंदन नगर निवासी कुलदीप कौर की शिकायत पर मट्टू साहिब फाइनांस, प्रीत फाइनांस, रिंकू और एक अन्य के खिलाफ आत्महत्या के लिए मजबूर करने का मामला दर्ज किया है।
जांच अधिकारी एएसआई कुलविंदर सिंह ने बताया कि हुसनलाल के दो बेटियां हैं। होमगार्ड हुसनलाल थाना डिविजन नंबर 2 की चौकी जनकपुरी में तैनात था। सुसाइड नोट में हुसनलाल ने लिखा कि उसने फाइनांसर से तीस हजार रुपये लिए थे। वह हर महीने समय पर ब्याज देता था। इस बार वह ब्याज नहीं दे पाया तो प्रीत फाइनांस वाले घर में आकर गाली गलौज करने लगे। मट्टू फाइनांस वाले भी उसे धमकियां दे रहे थे। बाकी आरोपी उसे धमकियां देते थे कि उनके पास उसका डेढ़ लाख रुपये का चेक पड़ा है, उसे बैंक में लगाकर कार्रवाई करवाई जाएगी। इस कारण हुसनलाल परेशान चल रहा था।
वह इस परेशानी को परिवार वालों से भी शेयर नहीं कर रहा था। रविवार देर शाम जब हुसनलाल अपने घर गया तो अपने साथ एक शराब की छोटी बोतल लेकर गया, ताकि परिवार को शक न हो कि उसने कोई जहरीली वस्तु निगली है, जबकि साथी पुलिस कर्मचारियों और परिवार ने बताया कि हुसनलाल शराब नहीं पीता था। देर रात हुसनलाल की हालत बिगड़ने लगी। हालत बिगड़ती देखकर परिवार के सदस्य उसे डॉक्टर के पास ले गए। जहां डाक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। जांच अधिकारी कुलविंदर सिंह ने बताया कि आरोपियों की तलाश की जा रही है।